श्री त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम् | Tripura Sundari Stotram Hindi Meaning | आदि शंकराचार्य | दशमहाविद्या

श्री त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक दिव्य स्तुति है, जो माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी की उपासना के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। यह स्तोत्र साधक को सौंदर्य, ज्ञान, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

श्री त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम्

🌸 श्लोक 1

कदंबवनचारिणीं मुनिकदम्बकादंविनीं,
नितंबजितभूधरां सुरनितंबिनीसेविताम्।
नवंबुरुहलोचनामभिनवांबुदश्यामलां,
त्रिलोचनकुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये॥1॥

हिंदी अर्थ:
मैं त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण लेता हूँ जो कदंब वन में विहार करती हैं, मुनियों द्वारा पूजित हैं, जिनकी सुंदरता पर्वतों को भी मात देती है, जिनकी आँखें कमल के समान हैं और जो भगवान शिव की अर्धांगिनी हैं।

English Meaning:
I take refuge in Goddess Tripura Sundari, who roams in Kadamba forests, is worshipped by sages, whose beauty surpasses mountains, whose eyes are like lotus petals, and who is the consort of Lord Shiva.


🌸 श्लोक 2

कदंबवनवासिनीं कनकवल्लकीधारिणीं,
महार्हमणिहारिणीं मुखसमुल्लसद्वारुणीम्।
दया विभव कारिणी विशद लोचनी चारिणी,
त्रिलोचनकुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये॥2॥

हिंदी अर्थ:
जो कदंब वन में निवास करती हैं, स्वर्ण वीणा धारण करती हैं, बहुमूल्य आभूषण पहनती हैं, जिनका मुख तेजस्वी है और जो दया व कृपा की मूर्ति हैं—ऐसी त्रिपुरसुंदरी की मैं शरण लेता हूँ।

English Meaning:
I surrender to Tripura Sundari, who resides in Kadamba forests, holds a golden veena, adorned with precious jewels, radiates brilliance, and embodies compassion and grace.


🌸 श्लोक 3

कदंबवनशालया कुचभरोल्लसन्मालया,
कुचोपमितशैलया गुरुकृपालसद्वेलया।
मदारुणकपोलया मधुरगीतवाचालया,
कयापि घननीलया कवचिता वयं लीलया॥3॥

हिंदी अर्थ:
जो कदंब वन में विराजमान हैं, जिनका सौंदर्य अद्वितीय है, जिनके कपोल लालिमा लिए हुए हैं और जिनकी वाणी मधुर है—वे अपनी लीला से हमें सुरक्षित रखें।

English Meaning:
May the Goddess, dwelling in Kadamba groves, of unmatched beauty, with rosy cheeks and sweet speech, protect us through her divine play.


🌸 श्लोक 4

कदंबवनमध्यगां कनकमंडलोपस्थितां,
षडंबरुहवासिनीं सततसिद्धसौदामिनीम्।
विडंवितजपारुचिं विकचचंद्रचूडामणिं,
त्रिलोचनकुटुंबिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये॥4॥

हिंदी अर्थ:
जो कदंब वन के मध्य स्थित हैं, स्वर्ण मंडल में विराजती हैं, सहस्रार चक्र में निवास करती हैं और जिनका तेज चंद्रमा के समान है—ऐसी देवी की मैं शरण लेता हूँ।

English Meaning:
I take refuge in the Goddess seated in the golden sphere within Kadamba forest, residing in the divine lotus, shining like the full moon.


🌸 श्लोक 5

कुचांचितविपंचिकां कुटिलकुंतलालंकृतां,
कुशेशयनिवासिनीं कुटिलचित्तविद्वेषिणीम्।
मदारुणविलोचनां मनसिजारिसंमोहिनीं,
मतंगमुनिकन्यकां मधुरभाषिणीमाश्रये॥5॥

हिंदी अर्थ:
जो वीणा धारण करती हैं, सुंदर केशों से अलंकृत हैं, दुष्ट विचारों को नष्ट करती हैं, जिनकी आँखें आकर्षक हैं और जिनकी वाणी मधुर है—ऐसी देवी की मैं शरण लेता हूँ।

English Meaning:
I surrender to the Goddess adorned with curls, holding a veena, destroyer of evil thoughts, enchanting even Cupid, and sweet in speech.


🌸 श्लोक 6

स्मरेत्प्रथमपुष्पिणीं रुधिरबिन्दुनीलांबरां,
गृहीतमधुपात्रिकां मधुविघूर्णनेत्रांचलाम्।
घनस्तनभरोन्नतां गलितचूलिकां श्यामलां,
त्रिलोचनकुटंबिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये॥6॥

हिंदी अर्थ:
जो रक्तवर्ण वस्त्र धारण करती हैं, मधुपात्र लिए हैं, जिनकी आँखें चंचल हैं और जिनका स्वरूप श्यामल है—ऐसी देवी का ध्यान करना चाहिए।

English Meaning:
One should meditate on the dark-hued Goddess, clad in red, holding a honey vessel, with graceful and expressive eyes.


🌸 श्लोक 7

सकुंकुमविलेपनामलकचुंबिकस्तूरिकां,
समंदहसितेक्षणां सशरचापपाशांकुशाम्।
असेष जनमोहिनी मरूण माल्य भुषाम्बरा,
जपाकुशुम भाशुरां जपविधौ स्मराम्यम्बिकाम॥7॥

हिंदी अर्थ:
जो कुमकुम से अलंकृत हैं, मंद मुस्कान वाली हैं, हाथों में धनुष-बाण, पाश और अंकुश धारण करती हैं—ऐसी जगदंबा का जप में स्मरण करना चाहिए।

English Meaning:
During meditation, one should remember the Mother adorned with vermillion, smiling gently, holding bow, arrows, noose, and goad.


🌸 श्लोक 8

पुरम्दरपुरंध्रिकां चिकुरबंधसैरंध्रिकां,
पितामहपतिव्रतां पटुपटीरचर्चारताम्।
मुकुंदरमणीं मणिलसदलंक्रियाकारिणीं,
भजामि भुवनांबिकां सुरवधूटिकाचेटिकाम्॥8॥

हिंदी अर्थ:
जो इंद्राणी, सरस्वती और लक्ष्मी रूप में विराजती हैं, समस्त देवियों की अधिष्ठात्री हैं और जगत की माता हैं—ऐसी भुवनांबिका की मैं भक्ति करता हूँ।

English Meaning:
I worship the Mother of the universe, who manifests as the consorts of Brahma, Vishnu, and Indra, adorned with divine ornaments and served by celestial beings.


🔚 समापन

इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्य श्रीमच्छंकराचार्य विरचितं त्रिपुरसुन्दरी स्तोत्रं संपूर्णम्।


🙏 भावार्थ (Summary)

यह स्तोत्र माँ त्रिपुरसुंदरी की दिव्य सुंदरता, शक्ति, करुणा और तांत्रिक महिमा का वर्णन करता है। इसका नित्य पाठ साधक को ज्ञान, आकर्षण, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

🌸 स्तोत्र के लाभ (Benefits / Labh)

  • 🔱 माँ त्रिपुरसुंदरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है
  • 🧠 ज्ञान, बुद्धि और विद्या में वृद्धि
  • 💰 धन, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति
  • 🧘 मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
  • 🛡️ नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
  • ❤️ आकर्षण, सौंदर्य और आत्मविश्वास में वृद्धि
  • 🔮 साधना और तंत्र में सफलता

❓ FAQ Section (SEO Rich)

Q1. त्रिपुरसुंदरी कौन हैं?

माँ त्रिपुरसुंदरी दशमहाविद्या की तीसरी देवी हैं, जिन्हें ललिता देवी भी कहा जाता है। वे सौंदर्य, शक्ति और ज्ञान की अधिष्ठात्री हैं।


Q2. त्रिपुरसुंदरी स्तोत्र का पाठ कब करना चाहिए?

शुक्रवार, पूर्णिमा, नवरात्रि या ब्रह्ममुहूर्त में इसका पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


Q3. क्या यह स्तोत्र सभी लोग कर सकते हैं?

हाँ, कोई भी श्रद्धा और शुद्ध मन से इसका पाठ कर सकता है।


Q4. इस स्तोत्र के क्या लाभ हैं?

यह स्तोत्र साधक को धन, सौंदर्य, ज्ञान, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।


Q5. क्या त्रिपुरसुंदरी साधना कठिन है?

साधना गूढ़ हो सकती है, लेकिन स्तोत्र पाठ सरल और सभी के लिए लाभकारी है।