Sri Bhaskara Ashtakam | श्री भास्कराष्टकम् | Makar Sankranti Special Sun Stotra

श्री भास्कराष्टकम् सूर्यदेव भगवान की आठ श्लोकों में रचित अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर इस स्तोत्र का पाठ करने से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता, तेज, आत्मविश्वास एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह सूर्य उपासना का श्रेष्ठ वैदिक मार्ग माना जाता है।

श्री भास्कराष्टकम्

🔱 श्लोक 1

श्रीपद्मिनीशमरुणोज्ज्वलकान्तिमन्तं…

हिंदी अर्थ:
मैं उन भगवान श्री भास्कर (सूर्यदेव) का आश्रय लेता हूँ, जिनकी कान्ति अरुण के समान उज्ज्वल है, जिनके चरणकमल मुनियों और देवताओं द्वारा वंदित हैं, जो ब्रह्मा, विष्णु और शिव के स्वरूप हैं तथा सम्पूर्ण जगत के बंधु हैं।

English Meaning:
I take refuge in Lord Bhaskara, radiant like Aruna, whose lotus feet are worshipped by sages and gods, who embodies Brahma, Vishnu, and Shiva, and who is the true friend of the entire universe.


🔱 श्लोक 2

मार्ताण्डमीशमखिलात्मकमंशुमन्तम्…

हिंदी अर्थ:
मैं उन सूर्यदेव की शरण लेता हूँ जो सम्पूर्ण सृष्टि के अधिष्ठाता हैं, दिव्य प्रकाशस्वरूप हैं, सिद्धियाँ प्रदान करने वाले हैं, जिनका न आदि है न अंत, और जो भक्तों को कल्याण प्रदान करते हैं।

English Meaning:
I seek refuge in Martanda, the supreme Lord of all existence, the radiant source of bliss, the giver of divine powers, eternal and infinite, who grants auspiciousness to devotees.


🔱 श्लोक 3

सप्ताश्वमभ्रमणिमाश्रितपारिजातम्…

हिंदी अर्थ:
मैं उन सूर्यदेव की शरण लेता हूँ जो सात अश्वों वाले रथ पर विराजमान हैं, स्वर्ण समान तेजस्वी हैं, निर्मल दृष्टि प्रदान करते हैं और दिव्य आभूषणों से सुशोभित हैं, तथा समस्त ग्रहों के अधिपति हैं।

English Meaning:
I take refuge in Lord Bhaskara, seated on a chariot drawn by seven horses, golden in brilliance, bestower of pure vision, adorned with divine ornaments, and ruler of all planets.


🔱 श्लोक 4

पापार्तिरोगभयदुःखहरं शरण्यम्…

हिंदी अर्थ:
मैं उन सूर्यदेव का आश्रय लेता हूँ जो पाप, रोग, भय और दुःख का नाश करने वाले हैं, संसाररूपी अंधकार से पार लगाने वाले हैं, वेदों द्वारा जाने जाने योग्य और कमल के स्वामी हैं।

English Meaning:
I seek refuge in Lord Bhaskara, the remover of sins, diseases, fear, and sorrow, the savior from the ocean of worldly darkness, known through the Vedas and the lord of the lotus.


🔱 श्लोक 5

प्रत्यक्षदैवमचलात्मकमच्युतं च…

हिंदी अर्थ:
मैं उन प्रत्यक्ष देव स्वरूप सूर्यदेव की शरण लेता हूँ जो अचल, अविनाशी, भक्तों के प्रिय, सर्वज्ञ साक्षी और समस्त लोकों के अधिपति हैं।

English Meaning:
I take refuge in Lord Bhaskara, the visible divine form, immovable and eternal, beloved of devotees, the witness of all, and the supreme ruler of the universe.


🔱 श्लोक 6

ज्योतिस्वरूपमघसञ्चयनाशकं च…

हिंदी अर्थ:
मैं उन सूर्यदेव का आश्रय लेता हूँ जो प्रकाशस्वरूप हैं, पापों के समूह का नाश करने वाले हैं, त्रिविध तापों को समाप्त करने वाले हैं और ग्रहों द्वारा सेवित हैं।

English Meaning:
I seek refuge in Lord Bhaskara, embodiment of divine light, destroyer of accumulated sins, remover of the threefold sufferings, and worshipped by all celestial planets.


🔱 श्लोक 7

सृष्टिस्थितिप्रलयकारणमीश्वरं च…

हिंदी अर्थ:
मैं उन सूर्यदेव की शरण लेता हूँ जो सृष्टि, स्थिति और प्रलय के कारण हैं, दृष्टि प्रदान करने वाले हैं, भक्तों को परम संतोष देने वाले और सभी कष्टों का निवारण करने वाले हैं।

English Meaning:
I take refuge in Lord Bhaskara, the cause of creation, preservation, and dissolution, the giver of vision, supreme satisfaction, and remover of all difficulties.


🔱 श्लोक 8

आदित्यमार्तजनरक्षकमव्ययं च…

हिंदी अर्थ:
मैं उन आदि देव सूर्य का आश्रय लेता हूँ जो दुखियों की रक्षा करने वाले, अविनाशी, छाया और प्रकाश के स्वामी, कृपालु और सभी के आधार हैं।

English Meaning:
I seek refuge in Aditya, the primeval deity, protector of the distressed, eternal, lord of light and shadow, compassionate, and the ultimate refuge of all beings.


🔱 श्लोक 9 (फलश्रुति)

श्रीभास्कराष्टकमिदं परमं पवित्रम्…

हिंदी अर्थ:
जो व्यक्ति इस पवित्र श्री भास्कराष्टकम् का नित्य श्रवण, पाठ और स्मरण करता है, उसे सूर्यदेव की कृपा से दीर्घायु, धन, बल, वीर्य, संतान और स्थिर सुख की प्राप्ति होती है।

English Meaning:
Whoever regularly hears, chants, and remembers this sacred Sri Bhaskara Ashtakam attains long life, wealth, strength, vitality, progeny, and lasting happiness by the grace of Lord Surya.

🌼 श्री भास्कराष्टकम् के लाभ (Labh / Benefits)

  • 🌞 सूर्यदेव की विशेष कृपा व तेज की प्राप्ति

  • 💪 शारीरिक रोगों व दुर्बलता से मुक्ति

  • 🧠 बुद्धि, स्मरण शक्ति व एकाग्रता में वृद्धि

  • 🔥 नकारात्मकता, आलस्य व भय का नाश

  • 🕉️ ग्रह दोष, विशेषकर सूर्य दोष में शांति

  • 🌸 मकर संक्रांति पर पाठ करने से अक्षय पुण्य

❓ FAQ ❓ श्री भास्कराष्टकम् का पाठ कब करना चाहिए?

👉 प्रातःकाल सूर्योदय के समय, स्नान के बाद, पूर्व दिशा की ओर मुख करके।

❓ मकर संक्रांति पर इसका क्या महत्व है?

👉 इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिससे सूर्य स्तुति का फल कई गुना बढ़ जाता है।

❓ क्या यह स्तोत्र रोग निवारण में सहायक है?

👉 हाँ, विशेषकर नेत्र, हृदय व ऊर्जा से जुड़े रोगों में सहायक माना जाता है।

❓ कितनी बार भास्कराष्टकम् का पाठ करना चाहिए?

👉 कम से कम 1 बार, विशेष साधना में 7 या 11 बार।

❓ क्या महिलाएं इसका पाठ कर सकती हैं?

👉 हाँ, पूर्ण श्रद्धा व नियमों के साथ सभी कर सकते हैं।