सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम् अर्थ | सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्र पाठ व लाभ

सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम् माँ लक्ष्मी के दिव्य स्वरूप की स्तुति है, जिसे पढ़ने से धन, सौभाग्य, समृद्धि, सिद्धि और सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। भक्त इस स्तोत्र का पाठ घर में शांति, आर्थिक प्रगति और दिव्य कृपा के लिए करते हैं।

॥ श्री सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम् ॥

॥ ध्यानम् ॥

श्लोक 1

ब्राह्मीं च वैष्णवीं भद्रां षड्भुजां च चतुर्मुखाम्।
त्रिनेत्रां च त्रिशूलां च पद्मचक्रगदाधराम्॥

हिंदी अर्थ:

मैं ब्राह्मी, वैष्णवी और भद्रा देवी का ध्यान करता हूँ,
जो छह भुजाओं वाली हैं, चार मुखों वाली हैं,
तीन नेत्रों वाली हैं, और त्रिशूल, पद्म, चक्र तथा गदा धारण करती हैं।

English Meaning:

I meditate upon Goddess Brahmi, Vaishnavi, and Bhadra—
who has six arms, four faces, three eyes
and holds the trident, lotus, discus and mace.


श्लोक 2

पीताम्बरधरां देवीं नानालङ्कारभूषिताम्।
तेजःपुञ्जधरां श्रेष्ठां ध्यायेद्बालकुमारिकाम्॥

हिंदी अर्थ:

मैं उस देवी का ध्यान करता हूँ जो पीताम्बर धारण किए हुए हैं,
विभिन्न आभूषणों से सुसज्जित हैं,
तेज से भरपूर हैं और कुमारिका रूप में श्रेष्ठ हैं।

English Meaning:

I meditate on the Goddess clad in yellow garments,
adorned with many ornaments,
radiant with divine light, appearing as a youthful maiden.


🔶 ॥ अथ मूलपाठः ॥

श्लोक 3

ॐकारलक्ष्मीरूपेण विष्णोर्हृदयमव्ययम्।
विष्णुमानन्दमध्यस्थं ह्रींकारबीजरूपिणी॥

हिंदी अर्थ:

देवी ‘ॐ’ के रूप में लक्ष्मी हैं, विष्णु के अविनाशी हृदय में निवास करती हैं।
वे आनंद रूप विष्णु के मध्य में स्थित हैं और ‘ह्रीं’ बीज रूपिणी हैं।

English Meaning:

The Goddess is Lakshmi in the form of Om, residing in the eternal heart of Vishnu.
She dwells in the bliss of Vishnu and embodies the sacred seed ‘Hreem’.


श्लोक 4

ॐ क्लीं अमृतानन्दभद्रे सद्य आनन्ददायिनी।
ॐ श्रीं दैत्यभक्षरदा शक्तिमालिनी शत्रुमर्दिनी॥

हिंदी अर्थ:

हे अमृतानंदस्वरूपा भद्रे! आप तुरंत आनंद देने वाली हैं।
हे श्रीं! आप दैत्यों का नाश करने वाली, शक्तियों से युक्त और शत्रुओं का विनाश करने वाली हैं।

English Meaning:

O Bhadra, embodiment of immortal bliss, giver of instant joy.
O Shreem! You destroy demons, possess divine powers, and vanquish enemies.


श्लोक 5

तेजःप्रकाशिनी देवी वरदा शुभकारिणी।
ब्राह्मी च वैष्णवी भद्रा कालिका रक्तशाम्भवी॥

हिंदी अर्थ:

देवी तेज फैलाने वाली, वरदानी और शुभ कार्य करवाने वाली हैं।
वे ब्राह्मी, वैष्णवी, भद्रा, कालिका और रक्त-शाम्भवी हैं।

English Meaning:

The Goddess radiates divine light, grants boons, and brings auspiciousness.
She is Brahmi, Vaishnavi, Bhadra, Kali, and Rakta-Shambhavi.


श्लोक 6

आकारब्रह्मरूपेण ॐकारं विष्णुमव्ययम्।
सिद्धिलक्ष्मि परालक्ष्मि लक्ष्यलक्ष्मि नमोऽस्तुते॥

हिंदी अर्थ:

देवी ‘आ’ और ‘ॐ’ ब्रह्मरूप हैं, अविनाशी विष्णु रूप में स्थित हैं।
हे सिद्धिलक्ष्मी, परालक्ष्मी और लक्ष्यलक्ष्मी! आपको नमस्कार।

English Meaning:

The Goddess is the form of ‘A’ and ‘Om’, eternal like Vishnu.
Salutations to Siddhi Lakshmi, Para Lakshmi, and Lakshya Lakshmi.


श्लोक 7

सूर्यकोटिप्रतीकाशं चन्द्रकोटिसमप्रभम्।
तन्मध्ये निकरे सूक्ष्मं ब्रह्मरूपव्यवस्थितम्॥

हिंदी अर्थ:

इनका तेज करोड़ सूर्यों जैसा है, और प्रकाश करोड़ चंद्रों जैसा है।
उस तेज के मध्य ब्रह्मरूप सूक्ष्म शक्ति स्थित है।

English Meaning:

Her radiance equals millions of suns and moons.
In that light resides the subtle form of Brahman.


श्लोक 8

ॐकारपरमानन्दं क्रियते सुखसम्पदा।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके॥

हिंदी अर्थ:

ॐ का परमानंद सुख और समृद्धि देता है।
हे सर्वमंगलमयी शिवे! आप सभी लक्ष्यों को पूर्ण करने वाली हैं।

English Meaning:

The bliss of Om grants happiness and prosperity.
O auspicious Goddess! You fulfill all desires.


श्लोक 9

प्रथमे त्र्यम्बका गौरी द्वितीये वैष्णवी तथा।
तृतीये कमला प्रोक्ता चतुर्थे सुरसुन्दरी॥

हिंदी अर्थ:

पहली शक्ति त्र्यम्बका गौरी कहलाती हैं।
दूसरी वैष्णवी, तीसरी कमला और चौथी सुरसुंदरी।

English Meaning:

The first form is Tryambaka Gauri,
the second is Vaishnavi,
the third Kamala,
and the fourth Surasundari.


श्लोक 10

पञ्चमे विष्णुपत्नी च षष्ठे च वैष्णवी तथा।
सप्तमे च वरारोहा अष्टमे वरदायिनी॥

हिंदी अर्थ:

पाँचवीं विष्णुपत्नी, छठी भी वैष्णवी,
सातवीं वरारोहा और आठवीं वरदायिनी हैं।

English Meaning:

The fifth is Vishnu’s consort, the sixth also Vaishnavi,
the seventh Varaaroha, and the eighth Varadaayini.


श्लोक 11

नवमे खड्गत्रिशूला दशमे देवदेवता।
एकादशे सिद्धिलक्ष्मीर्द्वादशे ललितात्मिका॥

हिंदी अर्थ:

नौवीं शक्ति खड्ग-त्रिशूलधारी, दसवीं देवदेवता,
ग्यारहवीं सिद्धि लक्ष्मी और बारहवीं ललितात्मिका हैं।

English Meaning:

The ninth holds sword & trident, the tenth is Devadevata,
the eleventh Siddhi Lakshmi, and the twelfth Lalitātmikā.


श्लोक 12

एतत्स्तोत्रं पठन्तस्त्वां स्तुवन्ति भुवि मानवाः।
सर्वोपद्रवमुक्तास्ते नात्र कार्या विचारणा॥

हिंदी अर्थ:

जो मनुष्य इस स्तोत्र का पाठ करते हैं,
वे सभी कष्टों और उपद्रवों से मुक्त हो जाते हैं— इसमें कोई संदेह नहीं।

English Meaning:

Those who recite this hymn become free from all troubles—
there is no doubt about it.


श्लोक 13

एकमासं द्विमासं वा त्रिमासं च चतुर्थकम्।
पञ्चमासं च षण्मासं त्रिकालं यः पठेन्नरः॥

हिंदी अर्थ:

जो व्यक्ति 1, 2, 3, 4, 5 या 6 महीने तक रोज तीनों समय यह स्तोत्र पढ़े—
उसे महान फल मिलता है।

English Meaning:

One who recites this thrice a day for 1–6 months
obtains great spiritual benefits.


श्लोक 14

ब्राह्मणाः क्लेशतो दुःखदरिद्रा भयपीडिताः।
जन्मान्तरसहस्रेषु मुच्यन्ते सर्वक्लेशतः॥

हिंदी अर्थ:

दुःख, दरिद्रता और भय से पीड़ित मनुष्य
हजार जन्मों के कष्टों से मुक्त हो जाते हैं।

English Meaning:

Sufferings, poverty and fear leave the devotee,
freeing them from the misery of thousands of births.


श्लोक 15

अलक्ष्मीर्लभते लक्ष्मीमपुत्रः पुत्रमुत्तमम्।
धन्यं यशस्यमायुष्यं वह्निचौरभयेषु च॥

हिंदी अर्थ:

अलक्ष्मी दूर होकर लक्ष्मी प्राप्त होती है।
अपुत्र को उत्तम पुत्र मिलता है, धन, यश और आयु बढ़ती है।
अग्नि और चोर भय से रक्षा होती है।

English Meaning:

Misfortune turns into fortune, childless gain offspring,
wealth, fame & long life increase,
and protection from fire and theft is granted.


श्लोक 16

शाकिनीभूतवेतालसर्वव्याधिनिपातके।
राजद्वारे महाघोरे सङ्ग्रामे रिपुसङ्कटे॥

हिंदी अर्थ:

भूत, प्रेत, वेताल, रोगों,
राज-कार्य और युद्ध जैसी भयावह स्थितियों से रक्षा करती हैं।

English Meaning:

She protects against spirits, diseases,
royal dangers, battles and enemy threats.


श्लोक 17

सभास्थाने श्मशाने च कारागेहारिबन्धने।
अशेषभयसम्प्राप्तौ सिद्धिलक्ष्मीं जपेन्नरः॥

हिंदी अर्थ:

सभा, श्मशान, कारागार या किसी भी भयानक परिस्थिति में
सिद्धि लक्ष्मी का जप करने से भय दूर हो जाता है।

English Meaning:

In assemblies, cremation grounds, prisons or any fearful situation—
chanting Siddhi Lakshmi removes all fear.


श्लोक 18

ईश्वरेण कृतं स्तोत्रं प्राणिनां हितकारणम्।
स्तुवन्ति ब्राह्मणा नित्यं दारिद्र्यं न च वर्धते॥

हिंदी अर्थ:

भगवान द्वारा रचित यह स्तोत्र सभी जीवों के कल्याण के लिए है।
जो ब्राह्मण इसे नित्य पढ़ते हैं, उनमें कंगाली नहीं बढ़ती।

English Meaning:

Created by the Lord for the welfare of beings,
those who recite it daily never experience rising poverty.


श्लोक 19 (स्तोत्र फल)

या श्रीः पद्मवने कदम्बशिखरे राजगृहे कुञ्जरे
श्वेते चाश्वयुते वृषे च युगले यज्ञे च यूपस्थिते।
शङ्खे देवकुले नरेन्द्रभवनी गङ्गातटे गोकुले
सा श्रीस्तिष्ठतु सर्वदा मम गृहे भूयात्सदा निश्चला॥

हिंदी अर्थ:

जो श्री लक्ष्मी कमलवन, कदंब वृक्ष, राजमहल, हाथी,
सफेद अश्वों, वृषभ, यज्ञ-स्थल, शंख, देवालय,
राजभवन, गंगातट और गोकुल में विराजती हैं—
वही स्थिर लक्ष्मी सदा मेरे घर में स्थायी होकर रहें।

English Meaning:

May the same Goddess Lakshmi—
who dwells in lotus forests, Kadamba trees, royal palaces, elephants,
white horses, bulls, sacrifice posts, conches, temples, royal halls,
Ganga banks and Gokula—
remain forever in my home, steady and ever-gracious.

🕉️ ॥ इति श्री सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥

 

Benefits of Siddhi Lakshmi Stotram (लाभ)

1️⃣ आर्थिक समृद्धि और धन वृद्धि

माँ सिद्धि लक्ष्मी की कृपा से दरिद्रता दूर होती है और धनलाभ होता है।

2️⃣ सभी कार्यों में सिद्धि और सफलता

यह स्तोत्र व्यक्ति को कठिन कार्यों में भी सिद्धि व विजय प्रदान करता है।

3️⃣ घर-परिवार में शांति और सौभाग्य

स्तुति से गृह-कलह समाप्त होकर सौहार्द व शांति आती है।

4️⃣ व्यापार, नौकरी और करियर में उन्नति

व्यवसाय बढ़ता है, नए अवसर मिलते हैं और आय के स्रोत खुलते हैं।

5️⃣ नकारात्मकता का नाश और सकारात्मक ऊर्जा

यह स्तोत्र वातावरण शुद्ध कर नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।

6️⃣ मन की स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ता है

नित्य पाठ से मन शांत व दृढ़ होता है, निर्णय क्षमता बढ़ती है।

7️⃣ देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा का आकर्षण

माँ लक्ष्मी के आठ रूपों में “सिद्धि लक्ष्मी” साधक को सिद्धि, शक्ति और सौभाग्य देती हैं।

FAQs (Frequently Asked Questions)

Q1. सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्रम् कब पढ़ना चाहिए?

सुबह स्नान के बाद या शुक्रवार/पूर्णिमा के दिन पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
लेकिन इसे कभी भी पढ़ा जा सकता है।


Q2. क्या यह स्तोत्र धन-संबंधित समस्याओं को दूर करता है?

हाँ, यह स्तोत्र लक्ष्मी कृपा, धनवृद्धि और आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत प्रभावी है।


Q3. सिद्धि लक्ष्मी स्तोत्र पढ़ने के लिए कोई विशेष नियम हैं?

कठोर नियम नहीं—
शुद्ध स्थान, स्वच्छ मन और सच्ची भावना से पाठ करें।


Q4. क्या शुक्रवार को स्तोत्र पढ़ना अधिक प्रभावी है?

हाँ, शुक्रवार—महालक्ष्मी का दिन—इस स्तोत्र के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।


Q5. क्या स्तोत्र का अर्थ समझकर पढ़ना चाहिए?

अधिक प्रभाव के लिए समझकर पढ़ना श्रेष्ठ है।
लेकिन केवल पाठ भी फलदायी है।


Q6. क्या यह स्तोत्र घर, दुकान या ऑफिस में पढ़ा जा सकता है?

बिल्कुल, जहाँ भी पढ़ा जाए, वहाँ सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।


Q7. क्या यह स्तोत्र संकट दूर करने में सहायक है?

हाँ, स्तोत्र निराशा, बाधाएं और दुर्भाग्य दूर करके मार्ग प्रशस्त करता है।