सिद्ध मंगल स्तोत्र | श्री दत्तात्रेय सिद्ध स्तोत्र | Datta Stotra
सिद्ध मंगल स्तोत्र श्री दत्तात्रेय की विशेष स्तुति है, जिसे सिद्ध मंत्रों में श्रेष्ठ माना गया है। यह स्तोत्र गुरु तत्व, त्रिदेव शक्ति और आध्यात्मिक सुरक्षा प्रदान करता है। नियमित पाठ से जीवन में शांति, बाधा निवारण और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होते हैं।
🌼 सिद्धमंगल स्तोत्रम् (Śrī Siddha Mangala Stotram)
🔱 श्लोक 1
श्रीमदनन्त श्रीविभूषित अप्पल लक्ष्मी नरसिम्हराजा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥१॥
🪔 हिंदी अर्थ
जो अनंत दिव्य वैभव से सुशोभित हैं, अप्पल लक्ष्मी और नरसिंह के समान तेजस्वी हैं,
हे श्रीपाद! आप सदा विजयी रहें, सभी दिशाओं में आपकी विजय हो, आपकी अखंड महिमा बनी रहे।
🌍 English Meaning
O Lord adorned with infinite divine glory, radiant like Appala Lakshmi and Narasimha,
O Shripada! May you be eternally victorious, conquer all directions, and remain ever-glorious.
🔱 श्लोक 2
श्रीविद्याधरि राधा सुरेखा श्रीराखिधरा श्रीपादा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥२॥
🪔 हिंदी अर्थ
जो श्रीविद्या की धारिका हैं, जिनका स्वरूप अत्यंत सुंदर है,
हे श्रीपाद! आपकी सर्वत्र विजय हो, आपकी महिमा अखंड बनी रहे।
🌍 English Meaning
O Shripada, bearer of sacred knowledge and divine beauty,
May you be victorious everywhere and may your glory remain eternal.
🔱 श्लोक 3
माता सुमती वात्सल्यामृत परिपोषित जय श्रीपादा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥३॥
🪔 हिंदी अर्थ
माता सुमति के वात्सल्य अमृत से पोषित,
हे श्रीपाद! आपकी सर्वत्र विजय हो, आप सदा मंगलमय रहें।
🌍 English Meaning
O Shripada, nourished by the nectar-like affection of Mother Sumati,
May you be victorious in all realms and ever auspicious.
🔱 श्लोक 4
सत्य ऋषीश्वर दुहितानन्दन बापनार्यनुत श्रीचरणा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥४॥
🪔 हिंदी अर्थ
सत्य ऋषि की पुत्री के आनंदस्वरूप, पिता नारायण द्वारा पूजित चरणों वाले,
हे प्रभु! आपकी सर्वत्र विजय हो।
🌍 English Meaning
O Lord, joy of Sage Satya’s daughter, worshipped by your father Narayana,
May your sacred feet be eternally victorious.
🔱 श्लोक 5
सवित्रृकाठकचयन पुण्यफल भारद्वाजऋषि गोत्र संभवा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥५॥
🪔 हिंदी अर्थ
कठक शाखा के पवित्र यज्ञफल से उत्पन्न, भारद्वाज गोत्र में अवतरित,
हे श्रीपाद! आपकी विजय सर्वत्र हो।
🌍 English Meaning
Born of sacred Vedic rites, belonging to the Bharadwaja lineage,
O Shripada, may your victory resound everywhere.
🔱 श्लोक 6
दो चौपाती देव लक्ष्मी घनसख्या बोधित श्रीचरणा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥६॥
🪔 हिंदी अर्थ
दो चौपाती क्षेत्र में लक्ष्मीदेवी द्वारा प्रेरित चरणों वाले,
हे प्रभु! आपकी महिमा अखंड बनी रहे।
🌍 English Meaning
O Lord whose divine mission was inspired by Goddess Lakshmi at Chowpati,
May you be eternally victorious and glorious.
🔱 श्लोक 7
पुण्यरूपिणी राजमांबसुत गर्भपुण्यफल संजाता
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥७॥
🪔 हिंदी अर्थ
राजमाता के पुण्य गर्भ से उत्पन्न, पुण्यस्वरूप अवतार,
हे श्रीपाद! आपकी सर्वत्र विजय हो।
🌍 English Meaning
O divine incarnation born from the virtuous womb of Rajamatha,
May you conquer all directions with your sacred presence.
🔱 श्लोक 8
सुमतीनन्दन नरहरिनन्दन दत्तदेवप्रभु श्रीपादा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥८॥
🪔 हिंदी अर्थ
माता सुमति के आनंद, नरहरि एवं दत्तात्रेय स्वरूप,
हे श्रीपाद प्रभु! आपकी अखंड विजय हो।
🌍 English Meaning
O Shripada, joy of Mother Sumati, embodiment of Narahari and Dattatreya,
May your glory and victory be eternal.
🔱 श्लोक 9
पीठिकापुर नित्यविहारा मधुमती दत्ता मङ्गलरूपा
जय विजयीभव दिग्विजयीभव श्रीमदखण्ड श्रीविजयीभव ॥९॥
🪔 हिंदी अर्थ
पीठिकापुर में नित्य विहार करने वाले, मधुमती तट पर मंगलस्वरूप दत्तात्रेय,
हे प्रभु! आपकी सर्वत्र विजय हो।
🌍 English Meaning
O auspicious Dattatreya who eternally resides in Pithikapur and on the banks of Madhumati,
May you be victorious in all realms forever.
🌸 फलश्रुति (संक्षेप)
सिद्धमंगल स्तोत्र का नित्य पाठ करने से
🔱 भय, रोग और बाधा नाश
🔱 गुरु कृपा और दैवी संरक्षण
🔱 मनोकामना सिद्धि
🔱 आध्यात्मिक उन्नति
प्राप्त होती है।
लाभ (Labh / Benefits)
🔱 नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा
🔱 गुरु कृपा और आध्यात्मिक उन्नति
🔱 भय, रोग और बाधाओं का नाश
🔱 मानसिक शांति और आत्मबल
🔱 कार्यों में सिद्धि और मंगल फल
FAQ (SEO Friendly)
❓ सिद्ध मंगल स्तोत्र क्या है?
यह श्री दत्तात्रेय की स्तुति में रचित अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है, जो सिद्ध मंत्र के रूप में जाना जाता है।
❓ सिद्ध मंगल स्तोत्र का पाठ कब करें?
प्रातःकाल, गुरुवार या पूर्णिमा के दिन पाठ करना विशेष फलदायी माना गया है।
❓ क्या यह स्तोत्र सुरक्षा प्रदान करता है?
हाँ, नियमित पाठ से नकारात्मक शक्तियों, भय और बाधाओं से रक्षा होती है।
❓ क्या गृहस्थ भी इसका पाठ कर सकते हैं?
हाँ, यह स्तोत्र सभी भक्तों के लिए उपयुक्त है।
❓ कितनी बार पाठ करना चाहिए?
प्रतिदिन एक बार या 11/21 बार जप करना उत्तम माना गया है।
