Shri Vishnu Ashtakam | श्री विष्ण्वष्टकम् | Jaya Ekadashi Special Vishnu Stuti

श्री विष्ण्वष्टकम् भगवान श्रीहरि विष्णु की आठ श्लोकों वाली अत्यंत पावन स्तुति है। यह स्तोत्र जया एकादशी के दिन विशेष फलदायी माना गया है। इसके पाठ से भक्त को पापों से मुक्ति, मानसिक शांति, भक्ति-वृद्धि और वैकुण्ठ कृपा प्राप्त होती है।

श्रीविष्ण्वष्टकम्

🔹 श्लोक 1

विष्णुं विशालारुणपद्मनेत्रं
विभान्तमीशांबुजयोनिपूजितम् ।
सनातनं सन्मतिशोधितं परं
पुमांसमाद्यं सततं प्रपद्ये ॥ १॥

🪔 हिंदी अर्थ

मैं उस भगवान विष्णु की शरण लेता हूँ जिनके नेत्र विशाल लाल कमल के समान हैं,
जिनकी पूजा ब्रह्मा और अन्य देव करते हैं,
जो सनातन, परम पुरुष और सद्बुद्धि से जानने योग्य हैं।

🌍 English Meaning

I constantly take refuge in Lord Vishnu,
whose eyes are like vast reddish lotuses,
who is worshipped by Brahma and the gods,
the eternal, supreme, and primordial Supreme Being.


🔹 श्लोक 2

कल्याणदं कामफलप्रदायकं
कारुण्यरूपं कलिकल्मषघ्नम् ।
कलानिधिं कामतनूजमाद्यं
नमामि लक्ष्मीशमहं महान्तम् ॥ २॥

🪔 हिंदी अर्थ

जो कल्याण करने वाले, मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाले,
करुणा के सागर और कलियुग के पापों का नाश करने वाले हैं,
जो चंद्रमा के समान सौम्य और लक्ष्मीपति हैं,
उन महान विष्णु को मैं नमन करता हूँ।

🌍 English Meaning

I bow to Lord Vishnu,
the bestower of auspiciousness and fulfillment of desires,
the embodiment of compassion, destroyer of Kali-age sins,
the great Lord, consort of Goddess Lakshmi.


🔹 श्लोक 3

पीतांबरं भृङ्गनिभं पितामह-
प्रमुख्यवन्द्यं जगदादिदेवम् ।
किरीटकेयूरमुखैः प्रशोभितं
श्रीकेशवं सन्ततमानतोऽस्मि ॥ ३॥

🪔 हिंदी अर्थ

पीत वस्त्र धारण करने वाले,
ब्रह्मा आदि देवों द्वारा पूजित,
मुकुट और आभूषणों से सुशोभित,
जगत के आदि देव श्री केशव को मैं बार-बार नमन करता हूँ।

🌍 English Meaning

I eternally bow to Lord Keshava,
clad in yellow garments, worshipped by Brahma and the gods,
adorned with crown and ornaments,
the primal Lord of the universe.


🔹 श्लोक 4

भुजङ्गतल्पं भुवनैकनाथं
पुनः पुनः स्वीकृतकायमाद्यम् ।
पुरन्दराद्यैरपि वन्दितं सदा
मुकुन्दमत्यन्तमनोहरं भजे ॥ ४॥

🪔 हिंदी अर्थ

शेषनाग की शय्या पर विराजमान,
समस्त लोकों के स्वामी,
बार-बार अवतार धारण करने वाले,
देवताओं द्वारा वंदित मुकुंद का मैं भजन करता हूँ।

🌍 English Meaning

I worship Lord Mukunda,
who reclines on the serpent bed,
the sole Lord of all worlds,
who repeatedly incarnates and is adored by the gods.


🔹 श्लोक 5

क्षीरांबुराशेरभितः स्फुरन्तं
शयानमाद्यन्तविहीनमव्ययम् ।
सत्सेवितं सारसनाभमुच्चैः
विघोषितं केशिनिषूदनं भजे ॥ ५॥

🪔 हिंदी अर्थ

क्षीरसागर में शयन करने वाले,
आदि-अंत रहित, अविनाशी,
सज्जनों द्वारा सेवित, कमलनाभ,
केशी दैत्य का वध करने वाले विष्णु का मैं भजन करता हूँ।

🌍 English Meaning

I worship Lord Vishnu,
resplendent in the ocean of milk,
beginningless, endless and imperishable,
served by the righteous, destroyer of demon Keshi.


🔹 श्लोक 6

भक्तार्त्तिहन्तारमहर्न्निशन्तं
मुनीन्द्रपुष्पाञ्जलिपादपङ्कजम् ।
भवघ्नमाधारमहाश्रयं परं
परापरं पङ्कजलोचनं भजे ॥ ६॥

🪔 हिंदी अर्थ

जो दिन-रात भक्तों के दुःख दूर करते हैं,
जिनके चरणकमलों की ऋषि पूजा करते हैं,
जो संसार के बंधनों को नष्ट करने वाले परम आश्रय हैं,
उन कमलनयन विष्णु का मैं भजन करता हूँ।

🌍 English Meaning

I worship the lotus-eyed Lord Vishnu,
who removes devotees’ sufferings day and night,
whose lotus feet are worshipped by sages,
the supreme refuge beyond all worldly bonds.


🔹 श्लोक 7

नारायणं दानवकाननानलं
नतप्रियं नामविहीनमव्ययम् ।
हर्त्तुं भुवो भारमनन्तविग्रहं
स्वस्वीकृतक्ष्मावरमीडितोऽस्मि ॥ ७॥

🪔 हिंदी अर्थ

नारायण, जो दैत्यों के लिए अग्नि समान हैं,
नम्र भक्तों के प्रिय, अविनाशी,
पृथ्वी का भार उतारने हेतु अवतार लेने वाले,
उन अनंत रूपधारी भगवान की मैं स्तुति करता हूँ।

🌍 English Meaning

I praise Lord Narayana,
the fire that destroys demons,
beloved of the humble, imperishable and infinite,
who incarnates to relieve the burden of the earth.


🔹 श्लोक 8

नमोऽस्तु ते नाथ! वरप्रदायिन्
नमोऽस्तु ते केशव! किङ्करोऽस्मि ।
नमोऽस्तु ते नारदपूजिताङ्घ्रे
नमो नमस्त्वच्चरणं प्रपद्ये ॥ ८॥

🪔 हिंदी अर्थ

हे नाथ! आपको नमस्कार,
हे केशव! मैं आपका सेवक हूँ,
नारद द्वारा पूजित आपके चरणों को
बार-बार नमन कर आपकी शरण लेता हूँ।

🌍 English Meaning

Salutations to You, O Supreme Lord, bestower of boons.
O Keshava, I am Your servant.
I repeatedly bow to Your feet,
worshipped by Sage Narada, and take refuge in You.


🔹 फलश्रुति

विष्ण्वष्टकमिदं पुण्यं यः पठेद्भक्तितो नरः ।
सर्वपापविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं स गच्छति ॥

🪔 हिंदी अर्थ

जो भक्त श्रद्धा से इस विष्ण्वष्टकम् का पाठ करता है,
वह समस्त पापों से मुक्त होकर
भगवान विष्णु के लोक को प्राप्त करता है।

🌍 English Meaning

Whoever recites this sacred Vishnu Ashtakam with devotion
is freed from all sins
and attains the abode of Lord Vishnu.

🌸 विष्ण्वष्टकम् पाठ के लाभ (Labh / Benefits)

  • 🙏 समस्त पापों का क्षय

  • 🕉️ भगवान विष्णु की विशेष कृपा

  • 🌼 वैकुण्ठ लोक की प्राप्ति का मार्ग

  • 🧘‍♂️ मन, बुद्धि और आत्मा की शुद्धि

  • 🌿 जीवन में शांति, स्थिरता और धर्मबुद्धि

  • 📿 एकादशी व्रत का पूर्ण फल

❓ FAQ – Frequently Asked Questions

Q1. श्री विष्ण्वष्टकम् क्या है?

उत्तर:
यह भगवान श्रीहरि विष्णु की आठ श्लोकों की स्तुति है, जो भक्ति, मोक्ष और वैकुण्ठ प्राप्ति का मार्ग बताती है।


Q2. विष्ण्वष्टकम् का पाठ कब करना श्रेष्ठ है?

उत्तर:
जया एकादशी, सभी एकादशी तिथियों, गुरुवार या प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।


Q3. क्या विष्ण्वष्टकम् का पाठ गृहस्थ भी कर सकते हैं?

उत्तर:
हाँ, यह स्तोत्र सभी भक्तों के लिए है—गृहस्थ, साधक और वैष्णव सभी इसका पाठ कर सकते हैं।


Q4. विष्ण्वष्टकम् के पाठ से क्या प्राप्त होता है?

उत्तर:
इसके नियमित पाठ से पापों का नाश, जीवन में शांति, और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है।