श्री जगन्नाथ प्रार्थना | भगवान जगन्नाथ की दिव्य स्तुति | Shri Jagannath Prarthana | दमनक चतुर्दशी
श्री जगन्नाथ प्रार्थना भगवान जगन्नाथ की भक्ति में की जाने वाली अत्यंत पवित्र स्तुति है। इसका पाठ करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। दमनक चतुर्दशी के दिन इस प्रार्थना का विशेष महत्व होता है, जिससे भक्तों को भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
श्री जगन्नाथ प्रार्थना
🔸 श्लोक 1
रत्नाकरस्तव गृहं गृहिणी च पद्मा
किं देयमस्ति भवते पुरुषोत्तमाय ।
अभीर, वामनयनाहृतमानसाय
दत्तं मनो यदुपते त्वरितं गृहाण ।।1।।
👉 हिंदी अर्थ:
हे पुरुषोत्तम भगवान! आपका घर समुद्र है और लक्ष्मीजी आपकी पत्नी हैं, फिर आपको देने योग्य क्या है? इसलिए मैं अपना मन आपको अर्पित करता हूँ, कृपया उसे स्वीकार करें।
👉 English Meaning:
O Supreme Lord! The ocean is your abode and Goddess Lakshmi your consort—what can I offer you? Hence, I offer my mind to you; kindly accept it.
🔸 श्लोक 2
भक्तानामभयप्रदो यदि भवेत् किन्तद्विचित्रं प्रभो
कीटोऽपि स्वजनस्य रक्षणविधावेकान्तमुद्वेजितः ।
ये युष्मच्चरणारविन्दविमुखा स्वप्नेऽपि नालोचका-
स्तेषामुद्धरण-क्षमो यदि भवेत् कारुण्यसिन्धुस्तदा ।।2।।
👉 हिंदी अर्थ:
हे प्रभु! भक्तों को निर्भय बनाना कोई आश्चर्य नहीं, क्योंकि एक कीड़ा भी अपने परिवार की रक्षा करता है। परंतु जो आपके चरणों से विमुख हैं, उनका उद्धार यदि आप कर दें, तभी आपकी करुणा की महिमा प्रकट होती है।
👉 English Meaning:
O Lord! Granting fearlessness to devotees is natural—even an insect protects its own. But if you uplift those who never think of you, then your compassion truly shines.
🔸 श्लोक 3
अनाथस्य जगन्नाथ नाथस्त्वं मे न संशयः ।
यस्य नाथो जगन्नाथस्तस्य दुःखं कथं प्रभो ।।3।।
👉 हिंदी अर्थ:
हे जगन्नाथ! आप अनाथों के स्वामी हैं, इसमें कोई संदेह नहीं। जिसके स्वामी आप हैं, उसे दुःख कैसे हो सकता है?
👉 English Meaning:
O Lord of the Universe! You are the protector of the helpless—there is no doubt. One who has you as Lord can never truly suffer.
🔸 श्लोक 4
या त्वरा द्रौपदीत्राणे या त्वरा गजमोक्षणे ।
मय्यार्ते करुणामूर्ते सा त्वरा क्व गता हरे ।।4।।
👉 हिंदी अर्थ:
हे करुणामूर्ति! जिस तत्परता से आपने द्रौपदी और गजराज की रक्षा की, वही शीघ्रता मेरे दुख दूर करने में कहाँ चली गई?
👉 English Meaning:
O embodiment of compassion! The urgency with which you saved Draupadi and the elephant king—where is that same urgency in relieving my suffering?
🔸 श्लोक 5
मत्समो पातकी नास्ति त्वत्समो नास्ति पापहा ।
इति विज्ञाय देवेश यथायोग्यं तथा कुरु ।।5।।
👉 हिंदी अर्थ:
हे देवेश! मेरे समान पापी कोई नहीं और आपके समान पापों को हरने वाला भी कोई नहीं। यह जानकर आप जो उचित समझें, वही करें।
👉 English Meaning:
O Lord! There is no sinner like me and no remover of sins like you. Knowing this, please act as you deem fit.
🌼 समापन विधि
👉 इस प्रार्थना के बाद भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित करें।
🕉️ ॥ श्री जगन्नाथ स्तोत्र (प्रणाम) ॥
🔸 श्लोक 1
नीलाचलनिवासाय नित्याय परमात्मने ।
बलभद्रसुभद्राभ्यां जगन्नाथाय ते नमः ।।1।।
👉 हिंदी अर्थ:
नीलाचल में निवास करने वाले, नित्य और परमात्मा स्वरूप भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के साथ आपको नमस्कार है।
👉 English Meaning:
Salutations to Lord Jagannath, who resides in Nilachal, the eternal Supreme Soul, along with Balabhadra and Subhadra.
🔸 श्लोक 2
जगदानन्दकन्दाय प्रणतार्तहराय च ।
नीलाचलनिवासाय जगन्नाथाय ते नमः ।।2।।
👉 हिंदी अर्थ:
जो जगत को आनंद देने वाले हैं और भक्तों के दुख दूर करते हैं, नीलाचल में निवास करने वाले भगवान जगन्नाथ को नमस्कार है।
👉 English Meaning:
Salutations to Lord Jagannath, the source of universal bliss and remover of devotees’ suffering, who resides in Nilachal.
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👉 “भक्ति भाव से श्री जगन्नाथ प्रार्थना का पाठ करें और दिव्य कृपा प्राप्त करें”
लाभ (Benefits)
- 🕉️ भगवान जगन्नाथ की कृपा प्राप्त होती है
- 🌼 जीवन में सुख और समृद्धि आती है
- 🙏 मन की शांति और भक्ति भाव बढ़ता है
- 💫 पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति
- 🚩 दमनक चतुर्दशी पर विशेष फल मिलता है
- 🌺 परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
FAQ
❓ श्री जगन्नाथ प्रार्थना क्या है?
यह भगवान जगन्नाथ की स्तुति में की जाने वाली एक पवित्र प्रार्थना है।
❓ दमनक चतुर्दशी का क्या महत्व है?
दमनक चतुर्दशी भगवान जगन्नाथ की पूजा का विशेष दिन है, जिसमें उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा और प्रार्थना की जाती है।
❓ इस प्रार्थना का पाठ कब करना चाहिए?
इसे प्रतिदिन किया जा सकता है, लेकिन दमनक चतुर्दशी पर इसका विशेष महत्व होता है।
❓ इसके क्या लाभ हैं?
इससे जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है तथा भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
❓ क्या कोई भी इसका पाठ कर सकता है?
हाँ, कोई भी श्रद्धा और भक्ति से इसका पाठ कर सकता है।
