श्री शाकंभरी कवचम् | शाकंभरी पूर्णिमा विशेष | Shakambhari Kavacham

श्री शाकंभरी कवचम् देवी शाकंभरी का अत्यंत शक्तिशाली रक्षात्मक स्तोत्र है। शाकंभरी पूर्णिमा पर इसका पाठ करने से नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा, अन्न-धन की वृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह कवच देवी की करुणा और पोषण-शक्ति का अनुभव कराता है।

*|| श्री शाकंभरी कवच ||*

श्लोक 1–2 (भूमिका)

श्लोक

शक्र उवाच… (1–2)

शाकंभर्यास्तु कवचं सर्वरक्षाकरं नृणाम् ।
यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे कथय षण्मुख ॥१॥

हिंदी अर्थ

इंद्र कहते हैं—
हे षण्मुख (स्कंद)! मनुष्यों की सर्वत्र रक्षा करने वाला शाकंभरी देवी का कवच जो अब तक किसी को नहीं बताया गया, कृपया मुझे कहिए।

शक्र शाकंभरीदेव्याः कवचं सिद्धिदायकम् ।
कथयामि महाभाग श्रुणु सर्वशुभावहम् ॥२॥

स्कंद कहते हैं—
हे इंद्र! मैं देवी शाकंभरी का वह सिद्धिदायक कवच बताता हूँ, जो सभी प्रकार का मंगल प्रदान करने वाला है। ध्यानपूर्वक सुनिए।

English Meaning

Indra said:
O Skanda, please tell me the sacred armor (kavach) of Goddess Shakambhari which grants complete protection and has not been revealed before.

Skanda replied:
O Indra, I shall now describe the divine kavach of Goddess Shakambhari, which bestows success and auspiciousness. Listen carefully.


ऋषि–देवता–विनियोग

अस्य श्री शाकंभरी कवचस्य ॥ स्कंद ऋषिः॥
शाकंभरी देवता ॥ अनुष्टुप छन्दः ॥
चतुर्विध पुरुषार्थसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः॥

हिंदी अर्थ

इस श्री शाकंभरी कवच के ऋषि स्कंद हैं, देवता देवी शाकंभरी हैं, छंद अनुष्टुप है और इसका जप चारों पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) की सिद्धि के लिए किया जाता है।

English Meaning

The sage of this kavach is Skanda, the deity is Goddess Shakambhari, the meter is Anushtup, and it is chanted for attaining the four purusharthas—Dharma, Artha, Kama, and Moksha.


ध्यान श्लोक (3)

श्लोक

शूलं खड्गं च डमरु दधानामभयप्रदम् ।
सिंहासनस्थां ध्यायामि देवी शाकंभरीमहम् ॥३॥

हिंदी अर्थ

मैं देवी शाकंभरी का ध्यान करता हूँ, जो शूल, खड्ग और डमरु धारण करने वाली, अभय देने वाली और सिंहासन पर विराजमान हैं।

English Meaning

I meditate upon Goddess Shakambhari, seated on a lion throne, holding a trident, sword, and drum, and bestowing fearlessness upon her devotees.


कवच श्लोक 4–8 (अंग-रक्षा)

श्लोक 4

शाकंभरी शिरः पातु नेत्रे मे रक्तदंतिका ।
कर्णो रमे नंदजः पातु नासिकां पातु पार्वती ॥४॥

हिंदी अर्थ:
देवी शाकंभरी मेरे सिर की रक्षा करें, रक्तदंतिका मेरी आँखों की, नंदज (स्कंद) मेरे कानों की और पार्वती मेरी नासिका की रक्षा करें।

English Meaning:
May Goddess Shakambhari protect my head, Raktadantika my eyes, Nandaja my ears, and Parvati my nose.


श्लोक 5

ओष्ठौ पातु महाकाली महालक्ष्मीक्ष्च मे मुखम् ।
महासरस्वतीं जिव्हां चामुंडाऽवतु मे रदाम् ॥५॥

हिंदी अर्थ:
महाकाली मेरे होंठों की, महालक्ष्मी मेरे मुख की, महासरस्वती मेरी जीभ की और चामुंडा मेरे दाँतों की रक्षा करें।

English Meaning:
May Mahakali protect my lips, Mahalakshmi my face, Mahasaraswati my tongue, and Chamunda my teeth.


श्लोक 6

कालकंठसती कंठं भद्रकाली करद्वयम् ।
हृदयं पातु कौमारी कुक्षिं मे पातु वैष्णवी ॥६॥

हिंदी अर्थ:
कालकंठसती मेरे कंठ की, भद्रकाली मेरे हाथों की, कौमारी मेरे हृदय की और वैष्णवी मेरे उदर की रक्षा करें।

English Meaning:
May Kalakantha Sati protect my throat, Bhadrakali my hands, Kaumari my heart, and Vaishnavi my abdomen.


श्लोक 7

नाभिं मेऽवतु वाराही ब्राह्मी पार्श्र्वे ममावतु ।
पृष्ठं मे नारसिंही च योगीशा पातु मे कटिम् ॥७॥

हिंदी अर्थ:
वाराही मेरी नाभि की, ब्राह्मी मेरी पार्श्वों की, नारसिंही मेरी पीठ की और योगीशा मेरी कमर की रक्षा करें।

English Meaning:
May Varahi protect my navel, Brahmi my sides, Narasimhi my back, and Yogisha my waist.


श्लोक 8

ऊरु मे पातु वामोरुर्जानुनी जगदंबिका ।
जंघे मे चंडिकां पातु पादौ मे पातु शांभवी ॥८॥

हिंदी अर्थ:
जगदंबिका मेरे जंघाओं की, चंडिका मेरे पिंडलियों की और शांभवी मेरे चरणों की रक्षा करें।

English Meaning:
May Jagadambika protect my thighs, Chandika my calves, and Shambhavi my feet.


श्लोक 9–12 (सर्वकाल रक्षा)

श्लोक 9

शिरःप्रभृति पादांतं पातु मां सर्वमंगला ।
रात्रौ पातु दिवा पातु त्रिसंध्यं पातु मां शिवा ॥९॥

हिंदी अर्थ:
देवी सर्वमंगला सिर से लेकर पैरों तक मेरी रक्षा करें—दिन, रात और तीनों संधियों में।

English Meaning:
May Sarvamangala protect me from head to toe, during day, night, and all three junctions of time.


श्लोक 10

गच्छन्तं पातु तिष्ठन्तं शयानं पातु शूलिनी ।
राजद्वारे च कांतारे खड्गिनी पातु मां पथि ॥१०॥

हिंदी अर्थ:
चलते, खड़े, बैठे और सोते समय शूलिनी मेरी रक्षा करें; राजद्वार, वन और मार्ग में खड्गिनी मेरी रक्षा करें।

English Meaning:
May Shulini protect me while walking, standing, resting, or sleeping, and Khadgini protect me in forests, roads, and royal courts.


श्लोक 11

संग्रामे संकटे वादे नद्दुत्तारे महावने ।
भ्रामणेनात्मशूलस्य पातु मां परमेश्र्वरी ॥११॥

हिंदी अर्थ:
युद्ध, संकट, विवाद, जल, वन और भ्रम की अवस्था में परमेश्वरी मेरी रक्षा करें।

English Meaning:
May the Supreme Goddess protect me in battles, dangers, disputes, water crossings, forests, and confusion.


श्लोक 12

गृहं पातु कुटुंबं मे पशुक्षेत्रधनादिकम् ।
योगक्षेमं च सततं पातु मे बनशंकरी ॥१२॥

हिंदी अर्थ:
देवी मेरे घर, परिवार, पशु, खेत, धन और योगक्षेम की सदा रक्षा करें।

English Meaning:
May Goddess Banasankari protect my home, family, cattle, land, wealth, and overall welfare.


फलश्रुति (13–17)

श्लोक 13–14

इतीदं कवचं पुण्यं शाकंभर्याः प्रकीर्तितम् ।
यस्त्रिसंध्यं पठेच्छक्र सर्वापद्भिः स मुच्यते ॥१३॥

तुष्टिं पुष्टिं तथारोग्यं संततिं संपदं च शम् ।
शत्रुक्षयं समाप्नोति कवचस्यास्य पाठतः ॥१४॥

हिंदी अर्थ:
जो इस कवच का तीनों संधियों में पाठ करता है, वह सभी आपदाओं से मुक्त हो जाता है और संतोष, पुष्टि, आरोग्य, संतान, संपत्ति तथा शत्रुनाश प्राप्त करता है।

English Meaning:
One who recites this kavach thrice daily is freed from calamities and gains health, nourishment, prosperity, progeny, and victory over enemies.


श्लोक 15

शाकिनी डाकिनी भूत बालग्रह महाग्रहाः ।
नश्यंति दर्शनात्त्रस्ताः कवचं पठतस्त्विदम् ॥१५॥

हिंदी अर्थ:
शाकिनी, डाकिनी, भूत-प्रेत और ग्रह बाधाएँ इस कवच के पाठ से नष्ट हो जाती हैं।

English Meaning:
Evil spirits, negative entities, and planetary afflictions are destroyed by chanting this kavach.


श्लोक 16–17

सर्वत्र जयमाप्नोति धनलाभं च पुष्कलम् ।
विद्यां वाक्पटुतां चापि शाकंभर्याः प्रसादतः ॥१६॥

आवर्तनसहस्त्रेण कवचस्यास्य वासव ।
यद्यत्कामयतेऽभीष्टं तत्सर्वं प्राप्नुयाद् ध्रुवम् ॥१७॥

हिंदी अर्थ:
सर्वत्र विजय, धनलाभ, विद्या और वाक्शक्ति प्राप्त होती है। हजार बार पाठ करने से इच्छित फल निश्चित रूप से मिलता है।

English Meaning:
The devotee attains victory everywhere, wealth, knowledge, eloquence, and fulfillment of all desires through repeated recitation.

लाभ (Labh / Benefits)

  • 🌾 अन्न-समृद्धि, सुख-शांति और पोषण

  • 🛡️ नकारात्मक ऊर्जा, भय व बाधाओं से रक्षा

  • 💠 रोग नाश और मानसिक स्थिरता

  • 🌿 गृहस्थ जीवन में संतुलन व समृद्धि

  • 🔔 शाकंभरी देवी की विशेष कृपा

FAQ 

❓ श्री शाकंभरी कवचम् क्या है?

यह देवी शाकंभरी का रक्षात्मक कवच-स्तोत्र है, जो भक्त को दैवी संरक्षण प्रदान करता है।

❓ शाकंभरी पूर्णिमा पर इसका महत्व क्या है?

पूर्णिमा पर पाठ करने से कवच का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और देवी की विशेष कृपा मिलती है।

❓ कवच का पाठ कब और कैसे करें?

प्रातः स्नान के बाद, शांत स्थान पर, दीपक-धूप के साथ पाठ करें। हरे वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।

❓ क्या गृहस्थ इसे पढ़ सकते हैं?

हाँ, यह कवच सभी भक्तों—गृहस्थ, विद्यार्थी, साधक—के लिए उपयुक्त है।

❓ कितनी बार पाठ करें?

पूर्णिमा के दिन 1 या 3 बार, और नियमित साधना में प्रतिदिन 1 बार पाठ उत्तम है।