संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् (देवकृतम्) | गणेश जन्म विशेष स्तुति | Sankatnashan Ganesh Stotram

संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् (देवकृतम्) भगवान गणपति की अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है, जिसे स्वयं देवताओं ने विघ्नों से मुक्ति हेतु रचा। गणेश जन्मोत्सव अथवा किसी भी संकटपूर्ण समय में इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से शीघ्र कृपा एवं विघ्न-विनाश होता है।

संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् (देव कृतम्)

 

नमो नमस्ते परमार्थरूप ।नमो नमस्तेऽखिलकारणाय ।नमो नमस्तेऽखिलकारकायसर्वेन्द्रियाणामधिवासिनेऽपि ॥ १ ॥ 

नमो नमो भूतमयाय तेऽस्तुनमो नमो भूतकृते सुरेश ।नमो नमः सर्वधियां प्रबोधनमो नमो विश्वलयोद्भवाय ॥ २ ॥ 

नमो नमो विश्वभृतेऽखिलेशनमो नमः कारण कारणाय ।नमो नमो वेदविदामदृश्यनमो नमः सर्ववरप्रदाय ॥ ३ ॥ 

नमो नमो वागविचारभूतनमो नमो विघ्ननिवारणाय ।नमो नमोऽभक्त मनोरथघ्नेनमो नमो भक्त मनोरथज्ञ ॥ ४ ॥ 

नमो नमो भक्तमनोरथेशनमो नमो विश्वविधानदक्ष ।नमो नमो दैत्यविनाशहेतोनमो नमः सङ्कटनाशकाय ॥ ५ ॥ 

नमो नमः कारुणिकोत्तमायनमो नमो ज्ञानमयाय तेऽस्तु ।नमो नमोऽज्ञानविनाशनायनमो नमो भक्त विभूतिदाय ॥ ६ ॥ 

नमो नमोऽभक्त विभूतिहन्त्रेनमो नमो भक्त विमोचनाय ।नमो नमोऽभक्त विबन्धनायनमो नमस्ते प्रविभक्तमूर्ते ॥ ७ ॥

 नमो नमस्तत्त्वविबोधकायनमो नमस्तत्त्वविदुत्तमाय ।नमो नमस्तेऽखिल कर्मसाक्षिणेनमो नमस्ते गुणनायकाय ॥ ८ ॥ 

इति श्रीगणेशपुराणे उपासनाखण्डे  देवकृत सङ्कटनाशन गणेश स्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

 

🌺 लाभ (Benefits of Sankatnashan Ganesh Stotram)

  • समस्त प्रकार के संकट एवं बाधाओं का नाश

  • कार्यों में सफलता एवं शुभ आरंभ

  • मानसिक तनाव, भय एवं असमंजस से मुक्ति

  • गणपति कृपा से बुद्धि, विवेक एवं स्थिरता

  • गणेश जन्म विशेष पर विशेष फलदायक

  • गृह, व्यापार एवं शिक्षा में उन्नति

FAQ 

Q1. संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् किसने रचा है?
यह स्तोत्र देवताओं द्वारा रचित (देवकृतम्) माना जाता है।

Q2. इस स्तोत्र का पाठ कब करना श्रेष्ठ है?
गणेश जन्मोत्सव, चतुर्थी, मंगलवार अथवा संकट के समय इसका पाठ विशेष फलदायी है।

Q3. क्या यह स्तोत्र गृहस्थ भी पढ़ सकते हैं?
हाँ, कोई भी श्रद्धालु शुद्ध भाव से इसका पाठ कर सकता है।

Q4. इस स्तोत्र से कौन-से लाभ मिलते हैं?
इससे विघ्न-बाधा, भय और मानसिक कष्ट का नाश होता है तथा सफलता प्राप्त होती है।

Q5. क्या रोज़ पाठ करना उचित है?
हाँ, नित्य पाठ करने से गणपति की विशेष कृपा प्राप्त होती है।