रुद्रद्वादश नाम स्तोत्रम् | सोमवती अमावस्या विशेष | Rudra 12 Names Stotram Hindi Meaning

रुद्रद्वादश नाम स्तोत्रम् भगवान शिव के 12 दिव्य नामों का अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है। सोमवती अमावस्या के दिन इसका पाठ करने से पापों का नाश, कष्टों से मुक्ति और शिव कृपा प्राप्त होती है।

श्री रुद्रद्वादशनाम स्तोत्रं

 
प्रथमं तू महादेवं द्वितीयं तु महेश्वरम् |
तृतीयं शङ्करं प्रोक्तं चतुर्थं वृषभध्वजम् || १ ||
 
पञ्चमं कृत्तिवासं च षष्ठं कामाङ्गनाशनम् |
सप्तमं देवदेवेशं श्रीकण्ठं चाष्टमं तथा || २ ||
 
नवमं तु हरं देवं दशमं पार्वतीपतिम् |
रुद्रमेकादशं प्रोक्तं द्वादशं शिवमुच्यते || ३ ||
 
|| फलश्रुति ||
 
एतद्वादशनामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः |
गोघ्नश्चैव कृतध्नश्च भ्रूणहा गुरुतल्पगः || ४ ||
 
स्त्रीबालघातकश्चैव सुरापो वृषलीपतिः |
सर्वं नाशयते पापं शिवलोकं स गच्छति || ५ ||
 
शुद्धस्फटिकसङ्काशं त्रिनेत्रं चन्द्रशेखरम् |
इन्दुमण्डलमध्यस्थं वन्दे देवं सदाशिवम् || ६ ||
 
|| इति श्री रुद्रद्वादशनाम स्तोत्रं समाप्तम् ||

🌿 स्तोत्र के लाभ (Benefits / Labh)

  • 🔱 भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है
  • 🛡️ सभी प्रकार के भय और बाधाओं का नाश
  • 💫 पापों का क्षय और आत्मशुद्धि
  • 🧘 मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
  • 🪔 पितृ दोष से मुक्ति में सहायक
  • 💰 धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति
  • 🔮 आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष मार्ग में सहायक

❓ FAQ Section (SEO Rich)

Q1. रुद्रद्वादश नाम स्तोत्र क्या है?

यह भगवान शिव के 12 पवित्र नामों का स्तोत्र है, जिसका पाठ करने से शिव कृपा प्राप्त होती है।


Q2. इसका पाठ कब करना चाहिए?

सोमवती अमावस्या, सोमवार, प्रदोष काल या ब्रह्ममुहूर्त में इसका पाठ अत्यंत फलदायी होता है।


Q3. क्या इसे रोज पढ़ सकते हैं?

हाँ, इसे प्रतिदिन श्रद्धा से पढ़ने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


Q4. इस स्तोत्र के मुख्य लाभ क्या हैं?

यह स्तोत्र पापों का नाश, भय से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।


Q5. क्या इससे पितृ दोष दूर होता है?

हाँ, विशेष रूप से सोमवती अमावस्या के दिन इसका पाठ करने से पितृ दोष शांति में सहायता मिलती है।