राहु स्तोत्र | Navagraha Rahu Stotram | 2026 का पहला सूर्य ग्रहण विशेष जप | राहु दोष शांति मंत्र

राहु स्तोत्र नवग्रहों में राहु ग्रह की शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। 2026 के पहले सूर्य ग्रहण के अवसर पर इसका जप करने से राहु दोष, कालसर्प दोष और मानसिक अशांति में राहत मिलती है तथा नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

राहु स्तोत्र (Rahu Stotram)

॥ 1 ॥

नमस्ते दैत्यरूपाय देवारिं प्रणमाम्यहम् ।
नमस्ते सर्वभक्ष्याय घोररूपाय वै नमः ॥ 1 ॥

हिंदी अर्थ:
हे दैत्यरूप धारण करने वाले, देवताओं के शत्रु राहु! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। हे सर्वभक्षी और घोर स्वरूप वाले प्रभु, आपको नमस्कार है।

English Meaning:
Salutations to you, O Rahu, who assumed a demonic form and opposed the gods. O fierce and all-consuming one, I bow to you.


॥ 2 ॥

त्वं ब्रह्मा वरुणो देवस्त्वं विष्णुस्त्वं हरिः शिवः ।
मर्त्यलोके भवान्प्रीतः संसारजनतारकः ॥ 2 ॥

हिंदी अर्थ:
आप ही ब्रह्मा, वरुण, विष्णु और शिव के रूप में पूजित हैं। यदि आप प्रसन्न हों तो इस संसार में जन्म-मरण के चक्र से पार लगाने वाले हैं।

English Meaning:
You are worshipped as Brahma, Varuna, Vishnu, and Shiva. When pleased, you help beings cross the ocean of worldly existence.


॥ 3 ॥

कूटपर्वतदुर्गाणि नगराणि पुराणि च ।
यस्य क्रोधवशाद्भस्मीभवन्ति क्षणमात्रकम् ॥ 3 ॥

हिंदी अर्थ:
जिनके क्रोध से पर्वत, दुर्ग, नगर और पुरियाँ भी क्षणभर में भस्म हो जाती हैं।

English Meaning:
By whose wrath even mountains, forts, cities, and kingdoms can turn to ashes in a moment.


॥ 4 ॥

धूम्रवर्णो भवान् राहू रक्ताक्षः पिङ्गलोपमः ।
क्रूरग्रहस्तथा भीमो यमरूपो महाबलः ॥ 4 ॥

हिंदी अर्थ:
हे राहु! आप धूम्रवर्ण (धुएँ के समान), लाल नेत्रों वाले, पिंगल वर्ण के, क्रूर ग्रह, भयंकर और यम के समान अत्यंत बलशाली हैं।

English Meaning:
O Rahu! You are smoky-hued, red-eyed, tawny in appearance, a fierce planet, terrifying and immensely powerful like Yama.


॥ 5 ॥

यस्य स्थाने पञ्चमेऽपि षष्ठे चैव तृतीयके ।
दशमैकादशे चैव तस्य श्रेयः करोत्यलम् ॥ 5 ॥

हिंदी अर्थ:
जन्मकुंडली में यदि राहु पाँचवें, छठे, तीसरे, दसवें या ग्यारहवें स्थान में हो तो वह विशेष शुभ फल देता है।

English Meaning:
When Rahu occupies the 3rd, 5th, 6th, 10th, or 11th house in a horoscope, he can bestow auspicious results.


॥ 6 ॥

अन्नं खड्गं च यद्दत्तं राहवे सुफलप्रदम् ।
पृथिव्यां ब्रह्मपीडां च गोपीडां तन्निवारयेत् ॥ 6 ॥

हिंदी अर्थ:
राहु को अन्न और शस्त्र (दान) देने से शुभ फल मिलता है तथा ब्राह्मण और गौ की पीड़ा दूर होती है।

English Meaning:
Offering food and symbolic weapons to Rahu yields good results and helps remove afflictions related to Brahmins and cows.


॥ 7 ॥

कृमिकीटपतङ्गेषु चरन्तं सचराचरम् ।
गोदानं भूमिदानं च ह्यन्नं वस्त्रं च दापयेत् ॥ 7 ॥

हिंदी अर्थ:
जो दान (गाय, भूमि, अन्न, वस्त्र आदि) जीव-जंतुओं और प्राणियों के हित में दिया जाए, वह राहु को प्रसन्न करता है।

English Meaning:
Charity such as donation of cows, land, food, and clothes for the welfare of all living beings pleases Rahu.


॥ 8 ॥

सौवर्णरौप्यदानं च कन्यादानं च तत्क्षणात् ।
एतद्दानं च सम्पूर्णं राहुमोक्षकरं नृणाम् ।
अस्य स्तोत्रस्य माहात्म्याद्राहुपीडा विनश्यति ॥ 8 ॥

हिंदी अर्थ:
स्वर्ण, रजत और कन्यादान जैसे दान राहु के कष्टों से मुक्ति देते हैं। इस स्तोत्र के माहात्म्य से राहु पीड़ा नष्ट हो जाती है।

English Meaning:
Donations of gold, silver, and noble acts like Kanyadaan grant relief from Rahu’s afflictions. By the power of this stotra, Rahu-related troubles are destroyed.


॥ 9 ॥

रक्ताक्षो धूम्रवर्णाभो विजितारिर्महाबलः ।
अबाहुश्चान्तरिक्षस्थः स राहुः प्रीयतां मम ॥ 9 ॥

हिंदी अर्थ:
लाल नेत्रों वाले, धूम्रवर्ण, शत्रुओं को जीतने वाले, अत्यंत बलशाली और आकाश में स्थित राहु देव मुझ पर प्रसन्न हों।

English Meaning:
May Rahu, red-eyed, smoky-hued, conqueror of enemies, mighty and dwelling in the sky, be pleased with me.


✨ फलश्रुति (Phalashruti)

जो व्यक्ति श्रद्धा से इस राहु स्तोत्र का पाठ करता है, उसकी राहु पीड़ा, मानसिक अशांति, बाधाएँ और ग्रह दोष शांत होते हैं।

राहु स्तोत्र के लाभ (Labh)

  1. राहु दोष की शांति

  2. कालसर्प दोष में राहत

  3. अचानक आने वाली बाधाओं से रक्षा

  4. मानसिक भ्रम, भय और तनाव में कमी

  5. करियर व व्यवसाय में स्थिरता

  6. सूर्य ग्रहण के समय जप करने से विशेष पुण्यफल

  7. शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा

FAQ 

Q1. राहु स्तोत्र कब पढ़ना चाहिए?

रोज़ संध्या समय या शनिवार/बुधवार को पढ़ना शुभ है। ग्रहण काल में जप का विशेष महत्व है।

Q2. क्या सूर्य ग्रहण पर राहु मंत्र जप सकते हैं?

हाँ, सूर्य ग्रहण के दौरान राहु मंत्र का जप करने से ग्रह दोष शांति का विशेष फल मिलता है।

Q3. राहु दोष के लक्षण क्या हैं?

बार-बार बाधाएँ, मानसिक भ्रम, अचानक हानि, कोर्ट केस या करियर अस्थिरता राहु दोष के संकेत हो सकते हैं।

Q4. राहु मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

108 या 18000 जप संख्या विशेष फलदायक मानी जाती है।