श्री नर्मदा अष्टकम् | माँ नर्मदा की महिमा | Narmada Maiya Jayanti Special | Rath Saptami

श्री नर्मदा अष्टकम् पवित्र नर्मदा मैया की स्तुति है, जिनके दर्शन, स्पर्श और स्मरण मात्र से पापों का नाश होता है। नर्मदा जयंती एवं रथ सप्तमी के शुभ अवसर पर इस अष्टकम् का पाठ भक्तों को शुद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

श्री नर्मदा अष्टकम् (स्तोत्र)

श्लोक 1

सबिन्दुसिन्धुसुस्खलत्तरङ्गभङ्गरञ्जितं
द्विषत्सु पापजातजातकादिवारिसम्युतम् ।
कृतान्तदूतकालभूतभीतिहारिवर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥१॥

हिंदी:
हे देवी नर्मदा! आपकी लहरें समुद्र की तरंगों जैसी सुंदर हैं। आप शत्रुओं से उत्पन्न पापों को नष्ट करने वाली हैं। यमदूत, काल और भूतों के भय को हरने वाली हैं। मैं आपके चरणकमलों को नमन करता हूँ।

English:
O Goddess Narmada, your flowing waves shine like ocean currents. You destroy sins born of enmity and remove fear of death, time, and evil forces. I bow to your lotus feet.

🙏 श्लोक 2

त्वदम्बुलीनदीनमीनदिव्यसम्प्रदायकं
कलौ मलौघभारहारिसर्वतीर्थनायकम् ।
सुमच्छकच्छनक्रचक्रवाकचक्रशर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥२॥

हिंदी:
आपके जल में स्नान करने से दीन-दुखियों को दिव्य फल मिलता है। कलियुग के पापों का नाश करने वाली और सभी तीर्थों में श्रेष्ठ हैं। मछलियों, पक्षियों और जीवों को आनंद देने वाली देवी को नमन।

English:
Bathing in your sacred waters grants divine blessings. You remove the heavy sins of Kali Yuga and are the supreme among all holy rivers. I bow to your lotus feet.

🙏 श्लोक 3

महागभीरनीरपूरपापधूतभूतलं
ध्वनत्समस्तपातकारिदारितापदाचलम् ।
जगल्लये महाभये मृकण्डुसूनुहर्म्यदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥३॥

हिंदी:
आपका जल अत्यंत गहरा और पवित्र है, जो पृथ्वी के पापों को धो देता है। प्रलय और महान भय में भी आप रक्षा करती हैं। मार्कण्डेय ऋषि को अमरत्व देने वाली देवी को नमन।

English:
Your deep waters cleanse the earth of sins. During destruction and great fear, you grant protection. You blessed Sage Markandeya with immortality. I bow to you.

🙏 श्लोक 4

गतं तदैव मे भयं त्वदम्बु वीक्षितं यदा
मृकण्डुसूनुशौनकासुरारिसेवितं सदा ।
पुनर्भवाब्धिजन्मजं भवाब्धिदुःखवर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥४॥

हिंदी:
हे माँ! आपके जल के दर्शन मात्र से ही मेरा भय नष्ट हो जाता है। आप जन्म-मरण के सागर के दुःखों से रक्षा करने वाली हैं।

English:
O Mother, merely seeing your waters removes fear. You protect devotees from the sorrows of rebirth and worldly existence.

🙏 श्लोक 5

अलक्ष्यलक्षकिन्नरामरासुरादिपूजितं
सुलक्षनीरतीरधीरपक्षिलक्षकूजितम् ।
वसिष्ठशिष्टपिप्पलादिकर्दमादिशर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥५॥

हिंदी:
आप गंधर्व, किन्नर, देव, दानव सभी द्वारा पूजित हैं। आपके तटों पर पक्षियों का कलरव है। वसिष्ठ आदि ऋषियों द्वारा सेवित देवी को नमन।

English:
You are worshipped by celestial beings, sages, and divine entities. Your banks echo with birdsong. Revered by sages like Vashistha, I bow to you.

🙏 श्लोक 6

सनत्कुमारनाचिकेतकश्यपात्रिषट्पदैः ।
धृतं स्वकीयमानसेषु नारदादिषट्पदैः ।
रवीन्दुरन्तिदेवदेवराजकर्मशर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥६॥

हिंदी:
सनक, नचिकेता, कश्यप, नारद जैसे महान ऋषियों के हृदय में आप विराजमान हैं। सूर्य, चंद्र और इंद्र के कर्मों को भी शुभ बनाने वाली हैं।

English:
You reside in the hearts of great sages like Sanatkumara, Nachiketa, Kashyapa, and Narada. You bless even gods and celestial rulers with auspicious results.

🙏 श्लोक 7

अलक्षलक्षलक्षपापलक्षसारसायुधं
ततस्तु जीवजन्तुतन्तुभुक्तिमुक्तिदायकम् ।
विरिञ्चिविष्णुशङ्करस्वकीयधामवर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥७॥

हिंदी:
आप असंख्य पापों का नाश करने वाली हैं और सभी जीवों को भोग व मोक्ष प्रदान करती हैं। ब्रह्मा, विष्णु और शिव के धाम की रक्षा करने वाली देवी को नमन।

English:
You destroy countless sins and grant both worldly enjoyment and liberation. Protector of the divine abodes of Brahma, Vishnu, and Shiva.

🙏 श्लोक 8

अहो धृतं स्वनं श्रुतं महेशिकेशजातटे
किरातसूतबाडबेषु पण्डिते शठे नटे ।
दुरन्तपापतापहारि सर्वजन्तुशर्मदे
त्वदीयपादपङ्कजं नमामि देवि नर्मदे ॥८॥

हिंदी:
आपका नाम सुनना और स्मरण करना ही महान फल देता है। अत्यंत कठिन पापों और कष्टों को हरने वाली, सभी जीवों को सुख देने वाली माँ को नमन।

English:
Hearing and chanting your name brings immense merit. You remove severe sins and suffering, granting peace to all beings.

📿 अनन्त लाभ श्लोक (फ़ायदा बयान)

इदं तु नर्मदाष्टकं त्रिकालमेव ये सदा
पठन्ति ते निरन्तरं न यान्ति दुर्गतिं कदा ।
सुलभ्यदेहदुर्लभं महेशधामगौरवं
पुनर्भवा नरा न वै विलोकयन्ति रौरवम् ॥९॥

हिंदी:
जो व्यक्ति नर्मदा अष्टकम् का प्रतिदिन तीनों समय पाठ करता है, वह कभी दुर्गति को प्राप्त नहीं होता और अंत में भगवान शिव के धाम को प्राप्त करता है।

English:
One who recites Narmada Ashtakam daily is freed from misfortune and rebirth, ultimately attaining the divine abode of Lord Shiva.

🌺 लाभ (Benefits of Narmada Ashtakam)

  • पापों का नाश एवं आत्मशुद्धि

  • नर्मदा मैया की विशेष कृपा प्राप्ति

  • रोग, मानसिक अशांति एवं भय से मुक्ति

  • तीर्थ-स्नान के समान पुण्य फल

  • मोक्ष एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग

  • रथ सप्तमी व नर्मदा जयंती पर विशेष फलदायी

❓ FAQ (Search Optimized)

Q1. श्री नर्मदा अष्टकम् क्या है?
यह माँ नर्मदा की महिमा का वर्णन करने वाला आठ श्लोकों का पावन स्तोत्र है।

Q2. नर्मदा अष्टकम् का पाठ कब करना श्रेष्ठ है?
नर्मदा जयंती, रथ सप्तमी, सोमवार एवं प्रातः स्नान के पश्चात।

Q3. क्या गृहस्थ भक्त भी इसका पाठ कर सकते हैं?
हाँ, श्रद्धा और शुद्ध मन से कोई भी भक्त इसका पाठ कर सकता है।

Q4. क्या यह स्तोत्र मोक्ष प्रदान करता है?
शास्त्रों में नर्मदा अष्टकम् को मोक्षदायक और पापनाशक बताया गया है।

Q5. कितनी बार पाठ करना चाहिए?
नित्य एक बार या विशेष पर्व पर 3, 5 या 7 बार पाठ उत्तम माना गया है।