श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष स्तोत्रम् | Krishna Kripa Kataksha Stotram | जन्माष्टमी विशेष
श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष स्तोत्रम् भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य कृपा और करुणामयी दृष्टि की प्रार्थना करने वाला पवित्र स्तोत्र है। श्रद्धापूर्वक इसके पाठ द्वारा भक्त भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में प्रेम, भक्ति, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इसका पाठ विशेष भक्तिभाव से किया जा सकता है।
॥ श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष स्तोत्रं ॥
🌺 श्रीकृष्ण प्रार्थना
प्रार्थना १
मूकं करोति वाचालं पंगु लंघयते गिरिम्।
यत्कृपा तमहं वंदे परमानंद माधवम्॥
हिन्दी अर्थ:
जिन भगवान माधव की कृपा से मूक व्यक्ति भी वाणी प्राप्त कर सकता है और लंगड़ा व्यक्ति भी पर्वत को पार कर सकता है, उन परम आनंदस्वरूप भगवान श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Meaning:
I bow to Lord Madhava, the embodiment of supreme bliss, whose grace can give speech to the mute and enable even the disabled to cross a mountain.
प्रार्थना २
नाहं वसामि वैकुंठे योगिनां हृदये न च।
मद्भक्ता यत्र गायंति तत्र तिष्ठामि नारद॥
हिन्दी अर्थ:
हे नारद! मैं न तो केवल वैकुण्ठ में निवास करता हूँ और न ही केवल योगियों के हृदय में। जहाँ मेरे भक्त प्रेम और श्रद्धा से मेरा नाम और गुणगान करते हैं, मैं वहीं निवास करता हूँ।
English Meaning:
O Narada, I do not reside merely in Vaikuntha, nor only in the hearts of yogis. Wherever My devotees lovingly sing My name and glories, there I dwell.
॥ अथ श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष स्तोत्र ॥
श्लोक १
भजे व्रजैकमंडनं समस्तपापखंडनं
स्वभक्तचित्तरंजनं सदैव नंदनंदनम्।
सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकं
अनंगरंगसागरं नमामि कृष्णनागरम्॥ १॥
हिन्दी अर्थ:
मैं व्रज के भूषण, समस्त पापों का नाश करने वाले और अपने भक्तों के हृदय को आनंदित करने वाले नंदनंदन श्रीकृष्ण की भक्ति करता हूँ। जिनके सिर पर सुंदर मोरपंखों का मुकुट है, हाथ में मधुर स्वर वाली बांसुरी है और जो दिव्य प्रेम एवं आनंद के अथाह सागर हैं, उन सुंदर श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Meaning:
I worship Nanda’s son, the ornament of Vraja, the destroyer of all sins and the one who delights the hearts of His devotees. Adorned with beautiful peacock feathers and holding a melodious flute, He is an ocean of divine love and bliss. I bow to Lord Krishna.
श्लोक २
मनोजगर्वमोचनं विशाललोललोचनं
विधूतगोपशोचनं नमामि पद्मलोचनम्।
करारविंदभूधरं स्मितावलोकसुंदरं
महेंद्रमानदारणं नमामि कृष्ण वारणम्॥ २॥
हिन्दी अर्थ:
मैं कमलनयन श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ, जो कामदेव के अभिमान को भी दूर करने वाले, विशाल और चंचल नेत्रों वाले तथा गोपों के दुःख को दूर करने वाले हैं। जिनके कमल जैसे हाथों में गोवर्धन पर्वत सुशोभित हुआ और जिनकी मधुर मुस्कान अत्यंत मनोहर है, उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Meaning:
I bow to lotus-eyed Krishna, who vanquishes the pride of Cupid, whose large and playful eyes are enchanting, and who removes the sorrows of the cowherds. He lifted Govardhana with His lotus-like hand and is beautiful with His gentle smile. I bow to Him who humbled Indra’s pride.
श्लोक ३
कदंबसूनकुंडलं सुचारुगंडमंडलं
व्रजांगनैकवल्लभं नमामि कृष्णदुर्लभम्।
यशोदया समोदया सगोपया सनंदया
युतं सुखैकदायकं नमामि गोपनायकम्॥ ३॥
हिन्दी अर्थ:
मैं उन श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ जिनके कानों में कदंब पुष्पों के सुंदर कुंडल हैं और जिनके कपोल अत्यंत मनोहर हैं। वे व्रज की गोपियों के प्रिय और अत्यंत दुर्लभ हैं। माता यशोदा, नंद बाबा और गोपों के साथ रहने वाले तथा सभी को आनंद प्रदान करने वाले गोपों के नायक श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Meaning:
I bow to Lord Krishna, adorned with beautiful Kadamba-flower earrings and charming cheeks. He is the beloved of the women of Vraja and is difficult to attain. Surrounded by Yashoda, Nanda and the cowherds, He is the giver of supreme joy.
श्लोक ४
सदैव पादपंकजं मदीय मानसे निजं
दधानमुक्तमालकं नमामि नंदबालकम्।
समस्तदोषशोषणं समस्तलोकपोषणं
समस्तगोपमानसं नमामि नंदलालसम्॥ ४॥
हिन्दी अर्थ:
मैं नंद बाबा के बालक श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ, जिनके कमलवत चरणों को मैं सदैव अपने मन में धारण करने की प्रार्थना करता हूँ। वे सभी दोषों का नाश करने वाले, समस्त संसार का पालन करने वाले और सभी गोपों के हृदय में निवास करने वाले हैं।
English Meaning:
I bow to Nanda’s beloved child, Lord Krishna, whose lotus feet I wish to hold forever within my heart. He removes all imperfections, nourishes the entire world and dwells within the hearts of all the cowherds.
श्लोक ५
भुवो भरावतारकं भवाब्धिकर्णधारकं
यशोमतीकिशोरकं नमामि चित्तचोरकम्।
दृगंतकांतभंगिनं सदा सदालिसंगिनं
दिने-दिने नवं-नवं नमामि नंदसंभवम्॥ ५॥
हिन्दी अर्थ:
मैं माता यशोदा के किशोर पुत्र, श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ, जो पृथ्वी का भार कम करने वाले और संसार रूपी भवसागर से पार कराने वाले हैं। वे अपने सुंदर नेत्रों की चितवन से भक्तों के मन को मोह लेते हैं और हर दिन नए-नए आकर्षक रूप में आनंद प्रदान करते हैं।
English Meaning:
I bow to young Krishna, the son of Yashoda, who descended to relieve the burden of the Earth and serves as the guide across the ocean of worldly existence. His enchanting glance steals the hearts of devotees, and His beauty appears ever fresh and new.
श्लोक ६
गुणाकरं सुखाकरं कृपाकरं कृपापरं
सुरद्विषन्निकंदनं नमामि गोपनंदनम्।
नवीन गोपनागरं नवीनकेलि-लंपटं
नमामि मेघसुंदरं तडित्प्रभालसत्पटम्॥ ६॥
हिन्दी अर्थ:
मैं गोपों को आनंद देने वाले श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ, जो समस्त गुणों के भंडार, सुख के स्रोत और करुणा के सागर हैं तथा देवताओं के शत्रुओं का नाश करने वाले हैं। वे सदैव नवीन लीलाओं में रमण करने वाले और मेघ के समान सुंदर श्यामवर्ण वाले हैं, जिनके वस्त्र बिजली की चमक के समान शोभायमान हैं।
English Meaning:
I bow to Krishna, the joy of the cowherds, the treasure of virtues, the source of happiness and the embodiment of compassion. He destroys the enemies of the gods, delights in ever-new divine pastimes, and is beautiful like a rain-filled cloud, with garments shining like lightning.
श्लोक ७
समस्त गोप मोहनं, हृदंबुजैक मोदनं
नमामिकुंजमध्यगं प्रसन्न भानुशोभनम्।
निकामकामदायकं दृगंतचारुसायकं
रसालवेणुगायकं नमामिकुंजनायकम्॥ ७॥
हिन्दी अर्थ:
मैं उन श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ जो सभी गोपों को मोहित करने वाले और भक्तों के हृदय-कमल को आनंदित करने वाले हैं। वे कुंजों के मध्य विराजमान होकर सूर्य के समान प्रसन्न और तेजस्वी दिखाई देते हैं। वे भक्तों की शुभ इच्छाओं को पूर्ण करने वाले, अपनी चितवन से प्रेम का बाण चलाने वाले और मधुर बांसुरी बजाने वाले कुंजों के स्वामी हैं।
English Meaning:
I bow to Krishna, who enchants all the cowherds and delights the lotus hearts of devotees. He dwells amidst the sacred groves, radiant like the joyful sun. He fulfills worthy desires, casts enchanting glances like arrows of love, and plays sweet melodies upon His flute.
श्लोक ८
विदग्ध गोपिकामनो मनोज्ञतल्पशायिनं
नमामि कुंजकानने प्रवृद्धवह्निपायिनम्।
किशोरकांति रंजितं दृगंजनं सुशोभितं
गजेंद्रमोक्षकारिणं नमामि श्रीविहारिणम्॥ ८॥
हिन्दी अर्थ:
मैं उन श्रीकृष्ण को प्रणाम करता हूँ जो चतुर एवं प्रेममयी गोपियों के मन को आकर्षित करने वाले हैं और कुंजवन में अपनी दिव्य लीलाएँ करते हैं। वे प्रचंड अग्नि से भी रक्षा करने वाले, किशोर अवस्था की सुंदर आभा से युक्त और अपने काजल लगे नेत्रों से अत्यंत मनोहर हैं। वे गजेन्द्र को मोक्ष प्रदान करने वाले भगवान के रूप में भी पूजित हैं।
English Meaning:
I bow to Lord Krishna, who captivates the hearts of the devoted Gopis and performs His divine pastimes in the sacred groves. He protects devotees even from great dangers, shines with youthful beauty, and is enchanting with His beautiful kajal-lined eyes. He is the Divine Lord who grants liberation to His devotees.
🌺 फलश्रुति
यदा तदा यथा तथा तथैव कृष्णसत्कथा
मया सदैव गीयतां तथा कृपा विधीयताम्।
प्रमाणिकाष्टकद्वयं जपत्यधीत्य यः पुमान्
भवेत्स नंदनंदने भवे भवे सुभक्तिमान्॥
हिन्दी अर्थ
हे भगवान श्रीकृष्ण! मैं हर समय, हर परिस्थिति में आपकी पवित्र कथा और गुणों का निरंतर गान करता रहूँ। आप मुझ पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें। जो मनुष्य इस प्रमाणिक अष्टक का श्रद्धापूर्वक पाठ और अध्ययन करता है, वह जन्म-जन्मांतर में नंदनंदन श्रीकृष्ण के प्रति गहरी भक्ति प्राप्त करता है।
English Meaning
O Lord Krishna, may I always sing and remember Your sacred stories and divine glories, at all times and in every circumstance. May Your grace always remain upon me. Whoever sincerely studies and recites this authentic hymn develops deep devotion to Nanda’s beloved Krishna, life after life.
🙏 समापन प्रार्थना
हे नंदनंदन श्रीकृष्ण!
हमारे हृदय में अपनी भक्ति बनाए रखें।
अपने कृपा-कटाक्ष से हमारे जीवन को पवित्र करें और हमें सदैव अपने चरणों का स्मरण करने की शक्ति दें।
Hare Krishna 🙏
