श्री कार्तिकेय प्रज्ञाविवर्धन स्तोत्र | Kartikeya Pradnya Vivardhan Stotra with Lyrics & Meaning

Kartikeya Pradnya Vivardhan Stotra – a divine hymn dedicated to Lord Subramanya that enhances wisdom, intellect, and spiritual strength. Read with Sanskrit lyrics and meaning.

श्री कार्तिकेय प्रज्ञाविवर्धन स्तोत्र (Skand Uvach)


श्लोक १

संस्कृत:
योगीश्वरो महासेनः कार्तिकेयोऽग्निनंदनः ।
स्कंदः कुमारः सेनानीः स्वामी शंकरसंभवः ॥१॥

हिंदी अर्थ:
वे योगेश्वर हैं, महान सेनापति हैं, कार्तिकेय हैं — अग्निदेव के पुत्र।
वे स्कंद, कुमार, देवसेना के नायक तथा स्वयं भगवान शंकर के पुत्र हैं।

English Meaning:
He is the Lord of Yogis, the great commander, Kartikeya — son of Agni.
He is Skanda, the divine youth, the leader of celestial armies, and born of Lord Shiva Himself.


श्लोक २

संस्कृत:
गांगेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः ।
तारकारिरुमापुत्रः क्रौंचारिश्च षडाननः ॥२॥

हिंदी अर्थ:
वे गंगापुत्र हैं, ताम्रचूड़ (लाल मुकुटधारी) हैं, ब्रह्मचारी हैं, और उनका ध्वज मोर (शिखी) है।
वे तारकासुर के संहारक, पार्वतीपुत्र और क्रौंच पर्वत के भेदक षडानन (छः मुख वाले) हैं।

English Meaning:
He is born of the Ganga, crowned with a radiant crest, the eternal celibate, whose banner bears the peacock.
He is the destroyer of Tarakasura, son of Uma, and the six-faced Lord who split Mount Krauncha.


श्लोक ३

संस्कृत:
शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः ।
सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः ॥३॥

हिंदी अर्थ:
वे शब्द-ब्रह्म के महासागर हैं, सिद्ध हैं, सरस्वती के स्वरूप हैं, और गुहा (गूढ़ ज्ञान के अधिष्ठाता) हैं।
वे सनत्कुमार भगवान् हैं जो भोग और मोक्ष दोनों फल प्रदान करते हैं।

English Meaning:
He is the ocean of sacred sound (Shabda Brahman), the perfected one, embodiment of Saraswati, the hidden divine (Guha).
He is the venerable Sanatkumara, who bestows both worldly enjoyments and liberation.


श्लोक ४

संस्कृत:
शरजन्मा गणाधीश पूर्वजो मुक्तिमार्गकृत् ।
सर्वागमप्रणेता च वांच्छितार्थप्रदर्शनः ॥४॥

हिंदी अर्थ:
वे शर (अग्नि) से उत्पन्न हुए, गणेश के अग्रज हैं, और मुक्तिपथ के सर्जक हैं।
वे सभी आगम शास्त्रों के प्रणेता हैं तथा साधक की सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाले हैं।

English Meaning:
Born of the divine fire, He is elder to Ganesha and creator of the path of liberation.
He is the originator of all Agamas and fulfiller of all noble desires.


श्लोक ५

संस्कृत:
अष्टाविंशतिनामानि मदीयानीति यः पठेत् ।
प्रत्यूषं श्रद्धया युक्तो मूको वाचस्पतिर्भवेत् ॥५॥

हिंदी अर्थ:
जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक मेरे ये अठ्ठाईस नाम प्रतिदिन प्रातः काल पढ़ता है,
वह यदि मूक भी हो, तो वाग्मी (वाचस्पति) बन जाता है।

English Meaning:
Whoever recites my twenty-eight divine names every morning with devotion,
even if mute, shall become eloquent and wise like the Lord of Speech.


श्लोक ६

संस्कृत:
महामंत्रमयानीति मम नामानुकीर्तनम् ।
महाप्रज्ञामवाप्नोति नात्र कार्या विचारणा ॥६॥

हिंदी अर्थ:
मेरे नामों का कीर्तन ही महान् मन्त्र के समान है।
जो इसका जप करता है, वह महान् प्रज्ञा (बुद्धि) को प्राप्त करता है — इसमें कोई संशय नहीं।

English Meaning:
Chanting of my names itself is a supreme mantra.
He who does so attains great wisdom — beyond all doubt.


श्लोक ७ (फलश्रुति)

संस्कृत:
इति श्रीरुद्रयामले प्रज्ञाविवर्धनाख्यं
श्रीमत्कार्तिकेयस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥७॥

हिंदी अर्थ:
इस प्रकार श्री रुद्रयामल ग्रंथ में वर्णित,
“प्रज्ञाविवर्धन” नामक श्री कार्तिकेय स्तोत्र सम्पूर्ण हुआ।

English Meaning:
Thus ends the sacred “Pradnya Vivardhan Stotra” of Lord Kartikeya,
as revealed in the holy scripture Rudra Yamala.


🌺 भावार्थ (Summary in Hindi):

यह स्तोत्र भगवान कार्तिकेय की महिमा का गान करता है — वे शिवपुत्र, ज्ञान व प्रज्ञा के अधिष्ठाता हैं।
इसका नित्य पाठ करने से वाणी में प्रभाव, बुद्धि में तेज और आत्मज्ञान में वृध्दि होती है।