दशावतार स्तोत्र – प्रलय पयोधि जले | भगवान विष्णु के 10 अवतार | पापमोचनी एकादशी विशेष

दशावतार स्तोत्र भगवान विष्णु के दस दिव्य अवतारों — मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि — की स्तुति है। “प्रलय पयोधि जले” से आरंभ होने वाला यह स्तोत्र भक्तों को भगवान की लीलाओं का स्मरण कराता है। पापमोचनी एकादशी और अन्य विष्णु पर्वों पर इसका पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।

🐚 दशावतार स्तोत्र

1️⃣ मत्स्य अवतार

श्लोक

प्रलय पयोधि-जले धृतवान् असि वेदम्
विहित वहित्र-चरित्रम् अखेदम्।
केशव धृत-मीन-शरीर जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

प्रलय के समुद्र में आपने वेदों को सुरक्षित रखा और मत्स्य (मछली) रूप धारण कर संसार की रक्षा की।
हे केशव! मत्स्य रूप धारण करने वाले जगदीश्वर, आपकी जय हो।

English Meaning

During the cosmic deluge, You protected the Vedas by assuming the form of a fish.
O Keshava, who took the form of Matsya, O Lord of the universe, victory to You.


2️⃣ कूर्म अवतार

श्लोक

क्षितिरिह विपुलतरे तिष्ठति तव पृष्ठे
धरणि-धारण-किण चक्र-गरिष्ठे।
केशव धृत-कूर्म-शरीर जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने कछुए का रूप धारण कर अपने विशाल पृष्ठ पर पृथ्वी और मंदराचल पर्वत को धारण किया।
हे कूर्म रूपधारी केशव, आपकी जय हो।

English Meaning

You assumed the form of a tortoise and supported the Earth and Mount Mandara on Your back.
O Keshava who took the form of Kurma, victory to You.


3️⃣ वराह अवतार

श्लोक

वसति दशन-शिखरे धरणी तव लग्ना
शशिनि कलंक कलेव निमग्ना।
केशव धृत-शूकर-रूप जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

जब पृथ्वी समुद्र में डूब गई थी तब आपने वराह (सूअर) रूप में अपने दाँतों पर उसे उठाकर बचाया।
हे वराह रूपधारी भगवान, आपकी जय हो।

English Meaning

When the Earth sank into the cosmic ocean, You lifted it on Your tusks in the form of a boar.
O Keshava who assumed the Varaha form, victory to You.


4️⃣ नरसिंह अवतार

श्लोक

तव कर-कमल-वरे नखम् अद्भुत-शृंगम्
दलित-हिरण्यकशिपु-तनु-भृंगम्।
केशव धृत-नरहरि-रूप जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने अपने कमल समान हाथों के नखों से दैत्य हिरण्यकशिपु का वध किया।
हे नरसिंह रूपधारी प्रभु, आपकी जय हो।

English Meaning

With the sharp nails of Your lotus-like hands, You destroyed the demon Hiranyakashipu.
O Keshava who appeared as Narasimha, victory to You.


5️⃣ वामन अवतार

श्लोक

छलयसि विक्रमणे बलिम् अद्भुत-वामन
पद-नख-नीर-जनित-जन-पावन।
केशव धृत-वामन-रूप जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने वामन रूप में दैत्यराज राजा बलि से तीन पग भूमि माँगकर तीनों लोकों को पुनः देवताओं को दिलाया।

English Meaning

You appeared as Vamana and cleverly subdued King Bali, purifying the world with the sacred water from Your feet.


6️⃣ परशुराम अवतार

श्लोक

क्षत्रिय-रुधिर-मये जगदपगत-पापम्
स्नपयसि पयसि शमित-भव-तापम्।
केशव धृत-भृगुपति-रूप जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने परशुराम रूप में अत्याचारी क्षत्रियों का नाश कर पृथ्वी को पापों से मुक्त किया।

English Meaning

As Parashurama, You destroyed the arrogant warriors and purified the Earth of sin.


7️⃣ राम अवतार

श्लोक

वितरसि दिक्षु रणे दिक्पति-कमनीयम्
दशमुख-मौलि-बलिम् रमणीयम्।
केशव धृत-राम-शरीर जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने रावण का वध कर धर्म की रक्षा की।
हे राम रूपधारी भगवान, आपकी जय हो।

English Meaning

You incarnated as Lord Rama and defeated the ten-headed Ravana, restoring righteousness in the world.


8️⃣ बलराम (हलधर) अवतार

श्लोक

वहसि वपुषि विसदे वसनं जलदाभम्
हल-हति-भीति-मिलित-यमुनाभम्।
केशव धृत-हलधर-रूप जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने बलराम रूप में हल धारण कर यमुना नदी को सीधा किया और भक्तों की रक्षा की।

English Meaning

You took the form of Balarama, holding the plough and protecting the devotees.


9️⃣ बुद्ध अवतार

श्लोक

निंदसि यज्ञ-विधेरहः श्रुति-जातम्
सदय-हृदय-दर्शित-पशु-घातम्।
केशव धृत-बुद्ध-शरीर जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

आपने गौतम बुद्ध रूप में करुणा का संदेश दिया और हिंसा का विरोध किया।

English Meaning

As Buddha, You preached compassion and discouraged unnecessary violence in sacrificial rituals.


🔟 कल्कि अवतार

श्लोक

म्लेच्छ-निवह-निधने कलयसि करवालम्
धूमकेतुमिव किमपि करालम्।
केशव धृत-कल्कि-शरीर जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

कलियुग के अंत में आप कल्कि रूप में अधर्म का नाश करेंगे।

English Meaning

At the end of Kali Yuga, You will appear as Kalki to destroy evil and restore righteousness.


🌺 फलश्रुति

श्लोक

श्री जयदेव कवेरिदम् उदितम् उदारम्
शृणु सुखदम् शुभदम् भवसारम्।
केशव धृत दशविध रूप जय जगदीश हरे॥

हिंदी अर्थ

कवि जयदेव द्वारा रचित यह स्तोत्र सुख और मंगल प्रदान करने वाला है।
जो इसे श्रद्धा से सुनता या पढ़ता है उसे भगवान की कृपा प्राप्त होती है।

English Meaning

This hymn composed by Jayadeva brings happiness and auspiciousness.
Those who recite or listen to it receive divine blessings.

🌼 श्लोक

वेदान् उद्धरते जगंति वहते भूगोलम् उद्बिभ्रते।
दैत्यम् दारयते बलिम् छलयते क्षत्र-क्षयम् कुर्वते॥

पौलस्त्यम् जयते हलम् कलयते कारुण्यम् आतन्वते।
म्लेच्छान् मूर्छयते दशाकृति-कृते कृष्णाय तुभ्यम् नमः॥

— श्री जयदेव गोस्वामी


🇮🇳 हिंदी अर्थ

हे भगवान! आप ही मत्स्य अवतार में वेदों को समुद्र से निकालते हैं,
कूर्म अवतार में संसार को धारण करते हैं,
और वराह अवतार में पृथ्वी को उठाते हैं।

आप नरसिंह रूप में दैत्यों का नाश करते हैं,
वामन रूप में राजा बलि को छल से जीतते हैं,
और परशुराम रूप में अधर्मी क्षत्रियों का नाश करते हैं।

आप राम रूप में रावण (पौलस्त्य) को पराजित करते हैं,
बलराम रूप में हल धारण करते हैं,
बुद्ध रूप में करुणा का विस्तार करते हैं,
और कल्कि रूप में अधर्मियों का विनाश करते हैं।

इन दस रूपों को धारण करने वाले भगवान कृष्ण को मेरा बार-बार नमस्कार है।


🇬🇧 English Meaning

O Lord! In the form of Matsya You rescued the Vedas from the cosmic ocean.
As Kurma You supported the universe, and as Varaha You lifted the Earth.

As Narasimha You destroyed the demon,
as Vamana You subdued King Bali through divine strategy,
and as Parashurama You destroyed the arrogant warriors.

As Rama You defeated Ravana (the descendant of Pulastya),
as Balarama You wielded the plough,
as Buddha You spread compassion and mercy,
and as Kalki You will destroy evil and unrighteous forces.

Salutations to Lord Krishna who manifests these ten divine incarnations.

दशावतार स्तोत्र पाठ के लाभ

1️⃣ पापों का नाश और आत्मशुद्धि होती है।
2️⃣ भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
3️⃣ जीवन के संकट और बाधाएँ कम होती हैं।
4️⃣ धर्म, ज्ञान और भक्ति में वृद्धि होती है।
5️⃣ मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
6️⃣ एकादशी व्रत के पुण्य में वृद्धि होती है।
7️⃣ आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

❓ FAQ

1. दशावतार स्तोत्र क्या है?

दशावतार स्तोत्र भगवान विष्णु के दस अवतारों की स्तुति में रचा गया प्रसिद्ध स्तोत्र है, जिसकी रचना महाकवि जयदेव ने की थी।

2. “प्रलय पयोधि जले” का क्या अर्थ है?

यह स्तोत्र की पहली पंक्ति है, जिसमें भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार द्वारा प्रलय के समय वेदों की रक्षा करने की लीला का वर्णन है।

3. दशावतार स्तोत्र कब पढ़ना चाहिए?

इसे विशेष रूप से एकादशी, पापमोचनी एकादशी, विष्णु पूजा या दैनिक भक्ति में पढ़ना शुभ माना जाता है।

4. दशावतार स्तोत्र के पाठ से क्या लाभ मिलता है?

इसके पाठ से पापों का नाश, मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

5. क्या विद्यार्थी भी दशावतार स्तोत्र पढ़ सकते हैं?

हाँ, श्रद्धा से इसका पाठ करने से ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।