श्री गुरु स्तोत्रम् | गुरु पूर्णिमा विशेष | भगवान शिव द्वारा वर्णित गुरु महिमा

श्री गुरु स्तोत्रम् एक पवित्र स्तोत्र है जिसमें भगवान शिव ने गुरु के महत्व और महिमा का वर्णन किया है। यह स्तोत्र गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से पढ़ा जाता है और इससे आध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान और जीवन में मार्गदर्शन प्राप्त होता है।

श्री गुरु स्तोत्रम्

|| श्री महादेव उवाच ||

जीवात्मनं परमात्मनं दानं ध्यानं योगो ज्ञानम् |
उत्कल काशीगंगामरणं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||१||

प्राणं देहं गेहं राज्यं स्वर्गं भोगं योगं मुक्तिम् |
भार्यामिष्टं पुत्रं मित्रं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||२||

वानप्रस्थं यतिविधधर्मं पारमहंस्यं भिक्षुकचरितम् |
साधोः सेवां बहुसुखभुक्तिं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||३||

विष्णो भक्तिं पूजनरक्तिं वैष्णवसेवां मातरि भक्तिम् |
विष्णोरिव पितृसेवनयोगं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||४||

प्रत्याहारं चेन्द्रिययजनं प्राणायां न्यासविधानम् |
इष्टे पूजा जप तपभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||५||

काली दुर्गा कमला भुवना त्रिपुरा भीमा बगला पूर्णा |
श्रीमातंगी धूमा तारा न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||६||

मात्स्यं कौर्मं श्रीवाराहं नरहरिरूपं वामनचरितम् |
नरनारायण चरितं योगं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||७||

श्रीभृगुदेवं श्रीरघुनाथं श्रीयदुनाथं बौद्धं कल्क्यम् |
अवतारा दश वेदविधानं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||८||

गंगा काशी कान्ची द्वारा मायाऽयोध्याऽवन्ती मथुरा |
यमुना रेवा पुष्करतीर्थ न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||९||

गोकुलगमनं गोपुररमणं श्रीवृन्दावन-मधुपुर-रटनम्|
एतत् सर्वं सुन्दरि ! मातर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||१०||

तुलसीसेवा हरिहरभक्तिः गंगासागर-संगममुक्तिः |
किमपरमधिकं कृष्णेभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||११||

एतत् स्तोत्रम् पठति च नित्यं मोक्षज्ञानी सोऽपि च धन्यम् |
ब्रह्माण्डान्तर्यद्-यद् ध्येयं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ||१२||

🔷 🌼 श्री गुरु स्तोत्रम् के लाभ (Labh)

  • 🧠 ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है
  • 🙏 गुरु कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होता है
  • 🌟 जीवन में सही मार्गदर्शन मिलता है
  • 🧘 मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
  • 📿 आध्यात्मिक उन्नति में सहायता करता है
  • 💼 करियर और शिक्षा में सफलता मिलती है

🔷 ❓ FAQ 

1. श्री गुरु स्तोत्रम् क्या है?

श्री गुरु स्तोत्रम् भगवान शिव द्वारा वर्णित एक पवित्र स्तोत्र है जिसमें गुरु की महिमा का वर्णन किया गया है।

2. गुरु स्तोत्रम् कब पढ़ना चाहिए?

इसे प्रतिदिन या विशेष रूप से गुरु पूर्णिमा के दिन पढ़ना अत्यंत शुभ माना जाता है।

3. गुरु स्तोत्रम् के क्या लाभ हैं?

इससे ज्ञान, मानसिक शांति, सफलता और गुरु कृपा प्राप्त होती है।

4. क्या विद्यार्थी गुरु स्तोत्रम् पढ़ सकते हैं?

हाँ, विद्यार्थी इसे पढ़कर एकाग्रता और ज्ञान में वृद्धि कर सकते हैं।