श्री गणनायकाष्टकम् | सभी विघ्नों का नाश | Gan Nayak Ashtakam | अंगारकी चतुर्थी विशेष 🔱

श्री गणनायकाष्टकम् भगवान गणेश जी की स्तुति में रचित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र जीवन के सभी विघ्नों, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है तथा बुद्धि, सफलता और समृद्धि प्रदान करता है। अंगारकी चतुर्थी के दिन इसका पाठ करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

श्री गणनायकाष्टकम्

🕉️ श्लोक १

एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् ।
लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥१॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
मैं एकदंत, विशाल शरीर वाले, तप्त सोने के समान तेजस्वी, बड़े पेट और विशाल नेत्रों वाले गणनायक गणेश जी को प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, the one-tusked, large-bodied, radiant like molten gold, with a big belly and wide eyes.


🕉️ श्लोक २

मौञ्जीकृष्णाजिनधरं नागयज्ञोपवीतिनम् ।
बालेन्दुसुकलामौलिं वन्देऽहं गणनायकम् ॥२॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जो मौञ्जी (कमरबंध), कृष्णाजिन धारण करते हैं, नाग को यज्ञोपवीत के रूप में धारण करते हैं और जिनके मस्तक पर चन्द्रमा शोभित है, उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, who wears a sacred girdle, deer-skin, serpent as sacred thread, and has the crescent moon adorning his head.


🕉️ श्लोक ३

अम्बिकाहृदयानन्दं मातृभिःपरिवेष्टितम् ।
भक्तप्रियं मदोन्मत्तं वन्देऽहं गणनायकम् ॥३॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जो माता पार्वती के हृदय को आनंद देने वाले हैं, मातृगणों से घिरे हुए हैं और भक्तों को प्रिय हैं, ऐसे गणेश जी को मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, who brings joy to Mother Parvati, is surrounded by divine mothers, and is dear to devotees.


🕉️ श्लोक ४

चित्ररत्नविचित्राङ्गं चित्रमालाविभूषितम् ।
चित्ररूपधरं देवं वन्देऽहं गणनायकम् ॥४॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जो विविध रत्नों और आभूषणों से सुसज्जित हैं, सुंदर रूप धारण करते हैं, ऐसे गणनायक को मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, adorned with various jewels and garlands, possessing a beautiful and divine form.


🕉️ श्लोक ५

गजवक्त्रं सुरश्रेष्ठं कर्णचामरभूषितम् ।
पाशाङ्कुशधरं देवं वन्देऽहं गणनायकम् ॥५॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
हाथी के मुख वाले, देवताओं में श्रेष्ठ, बड़े कानों से सुशोभित और पाश-अंकुश धारण करने वाले गणेश जी को मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, the elephant-faced, supreme among gods, with large ears, holding a noose and goad.


🕉️ श्लोक ६

मूषकोत्तममारुह्य देवासुरमहाहवे ।
योद्धुकामं महावीर्यं वन्देऽहं गणनायकम् ॥६॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जो श्रेष्ठ मूषक (चूहे) पर सवार होकर देव-दानव युद्ध में युद्ध करने को तत्पर रहते हैं, ऐसे पराक्रमी गणेश जी को मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, who rides the great mouse and is ever ready to fight in the battles of gods and demons.


🕉️ श्लोक ७

यक्षकिन्नरगन्धर्वसिद्धविद्याधरैः सदा ।
स्तूयमानं महाबाहुं वन्देऽहं गणनायकम् ॥७॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जिनकी यक्ष, किन्नर, गंधर्व और सिद्धजन सदा स्तुति करते हैं, ऐसे महाबली गणनायक को मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, who is always praised by Yakshas, Kinnaras, Gandharvas, and Siddhas.


🕉️ श्लोक ८

सर्वविघ्नहरं देवं सर्वविघ्नविवर्जितम् ।
सर्वसिद्धिप्रदातारं वन्देऽहं गणनायकम् ॥८॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जो सभी विघ्नों का नाश करते हैं और सभी सिद्धियाँ प्रदान करते हैं, ऐसे गणेश जी को मैं प्रणाम करता हूँ।

🔹 English Meaning:
I bow to Lord Ganesha, the remover of all obstacles and the bestower of all success.


🕉️ फलश्रुति (श्लोक ९)

गणाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेत्सततं नरः ।
सिद्ध्यन्ति सर्वकार्याणि विद्यावान् धनवान् भवेत् ॥९॥

🔸 हिन्दी अर्थ:
जो मनुष्य इस पवित्र गणाष्टक का नियमित पाठ करता है, उसके सभी कार्य सफल होते हैं और वह विद्वान तथा धनवान बनता है।

🔹 English Meaning:
Whoever regularly recites this sacred Ganesh Ashtakam achieves success in all endeavors and becomes wise and prosperous.


🙏 समापन

इति श्री गणनायकाष्टकम् सम्पूर्णम्

✨ लाभ (Benefits)

  • 🛑 सभी विघ्नों और बाधाओं का नाश
  • 🧠 बुद्धि, विवेक और स्मरण शक्ति में वृद्धि
  • 💼 कार्यों में सफलता और उन्नति
  • 💰 धन-समृद्धि की प्राप्ति
  • 🧘 मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा
  • 🙏 भगवान गणेश की विशेष कृपा

❓ FAQ

1. गणनायकाष्टकम् का पाठ कब करना चाहिए?

प्रत्येक बुधवार, चतुर्थी तिथि या विशेष रूप से अंगारकी चतुर्थी के दिन इसका पाठ अत्यंत फलदायी होता है।


2. क्या यह स्तोत्र सभी विघ्न दूर करता है?

हाँ, भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, इसलिए यह स्तोत्र बाधाओं को दूर करने में सहायक है।


3. कितनी बार पाठ करना चाहिए?

प्रतिदिन 1 या 3 बार पाठ करना शुभ माना जाता है।


4. क्या विद्यार्थी इसका पाठ कर सकते हैं?

हाँ, यह स्तोत्र विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है क्योंकि यह बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ाता है।


5. क्या इसका पाठ किसी भी समय कर सकते हैं?

हाँ, लेकिन सुबह या पूजा के समय पाठ करना अधिक शुभ होता है।