🎆 दिवाली 2025: लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और महत्व
इस वर्ष दिवाली (लक्ष्मी पूजा) 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह अमावस्या तिथि (नव चंद्रमा) के दिन होती है, जो लक्ष्मी पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।
दिवाली के दिन करने योग्य पूजा और कार्य
धनतेरस (17 अक्टूबर):
नया बर्तन या सोना/चांदी खरीदें।
धन की देवी की पूजा करें।
नरक चतुर्दशी (18 अक्टूबर):
नहाना और घर की सफाई करें।
दीपक जलाएं।
मुख्य दिवाली (20-21 अक्टूबर):
लक्ष्मी पूजा करें।
घर की सफाई और सजावट करें।
दीपक और रंगोली बनाएं।
मिठाई बांटें और दान करें।
भाई दूज (21 अक्टूबर):
बहनें भाई के लंबी उम्र और खुशहाली के लिए पूजा करें।
भाई बहन मिलकर तिलक और उपहार दें।
| शहर | समय |
|---|---|
| मुंबई | 7:41 PM – 8:41 PM |
| दिल्ली | 7:08 PM – 8:18 PM |
| कोलकाता | 5:06 PM – 5:54 PM |
| पुणे | 7:38 PM – 8:37 PM |
| अहमदाबाद | 7:36 PM – 8:40 PM |
| बेंगलुरु | 7:31 PM – 8:25 PM |
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त (प्रदोष काल):
लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ समय प्रदोष काल में होता है,
जो सूर्यास्त के बाद लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक रहता है।
इस दौरान स्थिर लग्न का होना भी महत्वपूर्ण है,
पूजा विधि:
स्थान की तैयारी: एक स्वच्छ स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं।
मूर्ति स्थापना: लक्ष्मी माता और गणेश जी की मूर्तियों को स्थापित करें।
सामग्री: दीपक, अगरबत्ती, चंदन, फूल, फल, मिठाई, सिक्के, और हल्दी की गांठ रखें।
पूजा विधि: गणेश पूजा से शुरुआत करें, फिर लक्ष्मी माता की पूजा करें।
आरती: आरती के बाद प्रसाद वितरित करें और दीप जलाएं।
दिवाली सजावट और टिप्स
घर के प्रवेश द्वार और खिड़कियों पर दीपक और मोमबत्तियाँ।
रंगोली बनाना और फूलों से सजावट।
बाहरी लाइट्स और मोती डालकर घर चमकाएं।
पूजा स्थल को साफ और स्वच्छ रखें।
