धनलक्ष्मी स्तोत्रम् | धन, समृद्धि और ऐश्वर्य प्राप्ति हेतु | Lakshmi Stotra | गुरुपुष्यामृत योग विशेष 🔱

धनलक्ष्मी स्तोत्रम् माँ लक्ष्मी जी की स्तुति में रचित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह स्तोत्र विशेष रूप से धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। गुरुपुष्यामृत योग के दिन इसका पाठ करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

॥ श्री धनलक्ष्मी स्तोत्रम् ॥

श्लोक १

देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम् ।
कृपया पार्वती प्राह शङ्करं करुणाकरम् ॥

Hindi Meaning

माता पार्वती ने करुणामय भगवान शंकर के पास जाकर उनसे दयापूर्वक प्रश्न किया।

English Meaning

Goddess Parvati approached the compassionate Lord Shiva (Neelkantha) and respectfully spoke to him with kindness.

श्लोक २

ब्रूहि वल्लभ साधूनां दरिद्राणां कुटुम्बिनाम् ।
दरिद्रदलनोपायमञ्जसैव धनप्रदम् ॥

Hindi Meaning

हे प्रिय प्रभु! कृपया ऐसे उपाय बताइए जिससे गरीब और परिवार वाले लोगों की दरिद्रता दूर होकर उन्हें धन प्राप्त हो सके।

English Meaning

“O beloved Lord, please tell me a simple way by which poor householders and devotees may overcome poverty and gain prosperity.”

श्लोक ३

पूजयन् पार्वतीवाक्यमिदमाह महेश्वरः ।
उचितं जगदम्बासि तव भूतानुकम्पया ॥

Hindi Meaning

भगवान महेश्वर ने कहा — हे जगदम्बा! प्राणियों पर आपकी करुणा के कारण आपका यह प्रश्न अत्यंत उचित है।

English Meaning

Lord Maheshwara replied, “O Divine Mother, your concern for living beings is truly noble and compassionate.”

श्लोक ४

स सीतं सानुजं रामं साञ्जनेयं सहानुगम् ।
प्रणम्य परमानन्दं वक्ष्येऽहं स्तोत्रमुत्तमम् ॥

Hindi Meaning

मैं सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान सहित भगवान राम को प्रणाम करके यह उत्तम स्तोत्र कहता हूँ।

English Meaning

After bowing to Lord Rama along with Sita, Lakshmana, and Hanuman, I shall now recite this supreme hymn.

श्लोक ५

धनदं श्रद्धधानानां सद्यः सुलभकारकम् ।
योगक्षेमकरं सत्यं सत्यमेव वचो मम ॥

Hindi Meaning

यह स्तोत्र श्रद्धा रखने वालों को धन देने वाला और उनके सुख-समृद्धि की रक्षा करने वाला है। यह मेरा सत्य वचन है।

English Meaning

This hymn grants wealth to faithful devotees and ensures their well-being and prosperity. Truly, these words are certain.

श्लोक ६

पठन्तः पाठयन्तोऽपि ब्राह्मणैरास्तिकोत्तमैः ।
धनलाभो भवेदाशु नाशमेति दरिद्रता ॥

Hindi Meaning

जो लोग इस स्तोत्र का पाठ करते हैं या करवाते हैं, उन्हें शीघ्र धन लाभ होता है और उनकी दरिद्रता नष्ट हो जाती है।

English Meaning

Those who recite or listen to this stotram with devotion quickly gain prosperity, and poverty disappears.

श्लोक ७

भूभवांशभवां भूत्यै भक्तिकल्पलतां शुभाम् ।
प्रार्थयेत्तां यथाकामं कामधेनुस्वरूपिणीम् ॥

Hindi Meaning

भक्तों को चाहिए कि वे देवी लक्ष्मी की प्रार्थना करें, जो कामधेनु के समान सभी इच्छाएँ पूर्ण करने वाली हैं।

English Meaning

Devotees should pray to Goddess Lakshmi, who fulfills wishes like the divine wish-granting cow Kamadhenu.

श्लोक ८

धनदे धनदे देवि दानशीले दयाकरे ।
त्वं प्रसीद महेशानि यदर्थं प्रार्थयाम्यहम् ॥

Hindi Meaning

हे धन देने वाली देवी! हे दयालु और दानशील माता! मैं जो प्रार्थना कर रहा हूँ, उस पर कृपा करें।

English Meaning

“O Goddess who grants wealth, compassionate and generous Mother, kindly bless the prayer I offer to you.”

श्लोक ९

धराऽमरप्रिये पुण्ये धन्ये धनदपूजिते ।
सुधनं धार्मिके देहि यजमानाय सत्वरम् ॥

Hindi Meaning

हे पुण्यवती देवी! देवताओं को प्रिय माता! कृपया धर्मात्मा भक्त को शीघ्र उत्तम धन प्रदान करें।

English Meaning

“O holy Goddess adored by the divine beings, please bless the righteous devotee with noble prosperity.”

श्लोक १०

रम्ये रुद्रप्रिये रूपे रामरूपे रतिप्रिये ।
शिखीसखमनोमूर्ते प्रसीद प्रणते मयि ॥

Hindi Meaning

हे सुंदर स्वरूप वाली, भगवान रुद्र को प्रिय और मनोहर देवी! मुझ पर कृपा करें।

English Meaning

“O beautiful Goddess beloved of Lord Rudra, graceful and charming Divine Mother, please shower your blessings upon me.”

श्लोक ११

आरक्तचरणाम्भोजे सिद्धिसर्वार्थदायिके ।
दिव्याम्बरधरे दिव्ये दिव्यमाल्यानुशोभिते ॥

Hindi Meaning

हे देवी! आपके लाल कमल के समान चरण सभी सिद्धियाँ और इच्छित फल प्रदान करने वाले हैं। आप दिव्य वस्त्र और दिव्य मालाओं से सुशोभित हैं।

English Meaning

O Divine Mother, your reddish lotus-like feet grant success and fulfill all desires. You are adorned with heavenly garments and divine garlands.

श्लोक १२

समस्तगुणसम्पन्ने सर्वलक्षणलक्षिते ।
शरच्चन्द्रमुखे नीले नीलनीरजलोचने ॥

Hindi Meaning

हे देवी! आप सभी गुणों से संपन्न हैं, सभी शुभ लक्षणों से युक्त हैं। आपका मुख शरद पूर्णिमा के चंद्रमा जैसा सुंदर है और आपकी आँखें नीले कमल के समान हैं।

English Meaning

O Goddess, you possess all noble qualities and auspicious signs. Your face shines like the autumn moon, and your eyes resemble blue lotus petals.

श्लोक १३

चञ्चरीक चमू चारु श्रीहार कुटिलालके ।
मत्ते भगवती मातः कलकण्ठरवामृते ॥

Hindi Meaning

हे माता! आपके घुँघराले केश और सुंदर हार अत्यंत मनोहर हैं। आपकी मधुर वाणी अमृत के समान आनंद देने वाली है।

English Meaning

O Divine Mother, your curly locks and beautiful garlands are enchanting. Your sweet voice is as soothing and delightful as nectar.

श्लोक १४

हासाऽवलोकनैर्दिव्यैर्भक्तचिन्तापहारिके ।
रूप लावण्य तारूण्य कारूण्य गुणभाजने ॥

Hindi Meaning

आपकी दिव्य मुस्कान और कृपालु दृष्टि भक्तों की सभी चिंताओं को दूर करती है। आप सौंदर्य, यौवन और करुणा की मूर्ति हैं।

English Meaning

Your divine smile and compassionate glance remove the worries of devotees. You are the embodiment of beauty, grace, youthfulness, and compassion.

श्लोक १५

क्वणत्कङ्कणमञ्जीरे लसल्लीलाकराम्बुजे ।
रुद्रप्रकाशिते तत्त्वे धर्माधारे धरालये ॥

Hindi Meaning

आपके हाथों के कंगन और पैरों की पायल मधुर ध्वनि करते हैं। आप धर्म की आधारशिला और परम सत्य का स्वरूप हैं।

English Meaning

The bangles on your hands and anklets on your feet produce melodious sounds. You are the foundation of righteousness and the embodiment of divine truth.

श्लोक १६

प्रयच्छ यजमानाय धनं धर्मैकसाधनम् ।
मातस्त्वं मेऽविलम्बेन दिशस्व जगदम्बिके ॥

Hindi Meaning

हे जगदम्बा! कृपया भक्त को ऐसा धन प्रदान करें जो धर्म के कार्यों में उपयोगी हो। माँ, मुझ पर शीघ्र कृपा करें।

English Meaning

O Universal Mother, kindly bless your devotee with wealth that supports righteous living. Please grant your grace without delay.

श्लोक १७

कृपया करुणागारे प्रार्थितं कुरु मे शुभे ।
वसुधे वसुधारूपे वसुवासववन्दिते ॥

Hindi Meaning

हे करुणामयी देवी! मेरी प्रार्थना स्वीकार करें। आप पृथ्वी स्वरूपा हैं और देवताओं द्वारा पूजित हैं।

English Meaning

O compassionate Goddess, please fulfill my prayer. You are the very form of Mother Earth and are worshipped by the celestial beings.

श्लोक १८

धनदे यजमानाय वरदे वरदा भव ।
ब्रह्मण्यैर्ब्राह्मणैः पूज्ये पार्वतीशिवशङ्करे ॥

Hindi Meaning

हे धन देने वाली और वरदान देने वाली देवी! भक्तों को आशीर्वाद दें। आप ब्राह्मणों और धर्मात्माओं द्वारा पूजनीय हैं।

English Meaning

O Bestower of wealth and blessings, kindly bless your devotees. You are revered by sages, priests, and the righteous.

श्लोक १९

स्तोत्रं दरिद्रताव्याधिशमनं सुधनप्रदम् ।
श्रीकरे शङ्करे श्रीदे प्रसीद मयि किङ्करे ॥

Hindi Meaning

यह स्तोत्र दरिद्रता और कष्टों को दूर कर उत्तम धन प्रदान करता है। हे देवी! अपने सेवक पर कृपा करें।

English Meaning

This sacred hymn removes poverty and suffering while granting noble prosperity. O Divine Goddess, kindly bless your devotee.

श्लोक २०

पार्वतीशप्रसादेन सुरेशकिङ्करेरितम् ।
श्रद्धया ये पठिष्यन्ति पाठयिष्यन्ति भक्तितः ॥

Hindi Meaning

भगवान शिव की कृपा से कहा गया यह स्तोत्र जो श्रद्धा और भक्ति से पढ़ेगा या सुनाएगा, उसे लाभ प्राप्त होगा।

English Meaning

This hymn, revealed through the grace of Lord Shiva, blesses those who recite or listen to it with faith and devotion.

श्लोक २१

सहस्रमयुतं लक्षं धनलाभो भवेद्ध्रुवम् ।
धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च ।
भवन्तु त्वत्प्रसादान्मे धनधान्यादिसम्पदः ॥

Hindi Meaning

इस स्तोत्र के प्रभाव से हजारों और लाखों की धन प्राप्ति होती है। हे धन देने वाली देवी! आपको नमस्कार है। आपकी कृपा से मुझे धन, धान्य और सभी प्रकार की समृद्धि प्राप्त हो।

English Meaning

Through the power of this hymn, one attains abundant prosperity and wealth. O Goddess of riches, I bow to you. May your blessings grant me wealth, food, and every form of abundance.

✨ लाभ (Benefits)

  • 💰 धन और समृद्धि की प्राप्ति
  • 🏡 घर में सुख-शांति और ऐश्वर्य
  • 🌟 आर्थिक समस्याओं से मुक्ति
  • 🙏 माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा
  • 📈 व्यापार और करियर में वृद्धि
  • 🧘 सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति

❓ FAQ

1. धनलक्ष्मी स्तोत्रम् का पाठ कब करना चाहिए?

गुरुपुष्यामृत योग, शुक्रवार या दीपावली के दिन इसका पाठ विशेष फलदायी होता है।


2. क्या यह स्तोत्र धन प्राप्ति में सहायक है?

हाँ, यह स्तोत्र माँ लक्ष्मी की कृपा से धन और समृद्धि बढ़ाने में सहायक माना जाता है।


3. कितनी बार पाठ करना चाहिए?

प्रतिदिन 1 या 3 बार पाठ करना शुभ माना जाता है।


4. क्या इसे घर में पढ़ सकते हैं?

हाँ, इसे घर में पूजा स्थान पर श्रद्धा से पढ़ना अत्यंत लाभकारी है।


5. क्या व्यापार में लाभ के लिए यह उपयोगी है?

हाँ, यह स्तोत्र व्यापार और आर्थिक उन्नति के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है।