श्री दत्त नाम भजनम् – भाग 1 | औदुंबर पंचमी विशेष | Datta Nama Smaran

श्री दत्त नाम भजनम् – भाग 1 भगवान दत्तात्रेय के पावन नामों का भक्तिपूर्ण स्मरण है। औदुंबर पंचमी के शुभ अवसर पर इसका पाठ गुरु-तत्त्व की अनुभूति, चित्त शुद्धि और दत्तकृपा की प्राप्ति कराता है।

श्री दत्त नाम भजनम् — संस्कृत

वेदपादनुततोषित दत्त ।
श्रावितशास्त्रविरोधक दत्त ।
सम्मतवेदशिरोमत दत्त ।
सम्पृष्टेश्वरसत्क्रिय दत्त ।
कर्मेट्तत्त्वज्ञापक दत्त ।
स्मृतितः सन्निधिकारक दत्त ।
सह्यमहीधरवासिन् दत्त ।
काशीगङ्गास्नायिन् दत्त ।
कमलापत्तनभिक्षुक दत्त ।
शाण्डिल्यानुग्राहक दत्त ।
योगाष्टाङ्गज्ञेश्वर दत्त ।
योगफलाभिज्ञेश्वर दत्त ॥ १ ॥

शिक्षितपातञ्जलप्रद दत्त ।
अर्पितसायुज्यामृत दत्त ।
विक्षेपावृतिवर्जित दत्त ।
असङ्ग अक्रिय अविकृत दत्त ।
स्वाश्रयशक्त्युद्बोधक दत्त ।
स्वैकांशाहितविश्वक दत्त ।
जीवेश्वरतास्वीकृत दत्त ।
व्यष्टिसमष्ट्यन्तर्गत दत्त ।
गुणतोरूपत्रयधर दत्त ।
नानाकर्मगतिप्रद दत्त ।
स्वभक्तमायानाशक दत्त ।
अनसूयात्र्याह्लादक दत्त ।
मत्स्याद्यवतारात्मक दत्त ।
प्रह्लादानुग्राहक दत्त ।
असुरसुरोरगशिक्षक दत्त ।
ज्ञानकाण्डसन्दर्शक दत्त ॥ २ ॥

🌼 पाठ करने के लाभ (Labh / Benefits)

  • सद्गुरु दत्तात्रेय की विशेष कृपा

  • मन की चंचलता व तनाव से मुक्ति

  • जीवन के कष्ट व बाधाओं का नाश

  • गुरु-तत्त्व की जागृति

  • नामस्मरण से चित्त शुद्धि

  • औदुंबर पंचमी पर विशेष पुण्यफल

❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

❓ श्री दत्त नाम भजनम् क्या है?

यह भगवान दत्तात्रेय के पवित्र नामों का निरंतर स्मरण और भजन है, जो गुरु-कृपा प्रदान करता है।

❓ औदुंबर पंचमी का क्या महत्व है?

औदुंबर पंचमी भगवान दत्तात्रेय से जुड़ा अत्यंत पावन दिन है, जिस दिन नामस्मरण शीघ्र फलदायी होता है।

❓ क्या यह भजन गृहस्थ कर सकते हैं?

हाँ, यह भजन सभी भक्तों—गृहस्थ, साधक व उपासक—के लिए उपयुक्त है।

❓ कितनी बार नामस्मरण करना चाहिए?

कम से कम 108 बार या श्रद्धानुसार निरंतर जप करना श्रेष्ठ माना गया है।

❓ क्या इस भजन से गुरु दोष शांत होते हैं?

हाँ, श्रद्धापूर्वक दत्त नामस्मरण से गुरु दोष व मानसिक क्लेश शांत होते हैं।