दश महाविद्या स्तुति | गुप्त नवरात्रि विशेष | शास्त्रीय क्रम | Classical Tantric Order
दश महाविद्या स्तुति गुप्त नवरात्रि में की जाने वाली एक अत्यंत प्रभावशाली तांत्रिक उपासना है। इसमें माँ काली से लेकर माँ कमला तक दसों महाविद्याओं का शास्त्रीय एवं पारंपरिक तांत्रिक क्रम में स्मरण, वंदन और स्तुति की जाती है। यह स्तुति साधक को आध्यात्मिक बल, रक्षा और सिद्धि प्रदान करती है।
श्री दशमहाविद्या स्तुति
1️⃣ श्री काली स्तुति
काल्यै नमस्ते शरणागतार्ति-हारिण्यै घोरतरायै नमो नमः ।संसारसागरनिमग्नजन्तु-समुद्धरण्यै हरये नमो नमः ॥
2️⃣ श्री तारा स्तुति
तारायै नमस्ते नीलसरोजाक्षिकरुणार्णवे मोक्षविधायिन्यै ।भवाब्धिदुःखार्णवपोतभूत-स्वरूपिण्यै ते शरणं प्रपद्ये ॥
3️⃣ श्री त्रिपुरसुन्दरी (षोडशी) स्तुति
श्रीमत्सिंहासनस्थायैचिदग्निकुण्डसंभवाम् ।शोडशीं त्रिपुरां देवींत्रैलोक्यवशकारिणीम् ॥
4️⃣ श्री भुवनेश्वरी स्तुति
भुवनेश्वरीं महामायांसर्वलोकनिवासिनीम् ।नमामि सर्वसिद्धिदांसर्वकामफलप्रदाम् ॥
5️⃣श्री छिन्नमस्ता स्तुति
छिन्नमस्तां महामायांयोगिनीगणसेविताम् ।नमामि सर्वसिद्ध्यर्थंभवबंधनविनाशिनीम् ॥
6️⃣श्री त्रिपुरभैरवी स्तुति
भैरवीं च महादेवींरक्तवस्त्रविभूषिताम् ।नमामि सर्वसिद्ध्यर्थंभोगमोक्षप्रदायिनीम् ॥
7️⃣ श्री धूमावती स्तुति
धूमावतीं महामायांनिरालम्बां निराश्रयाम् ।नमामि दुःखहन्त्रींदारिद्र्यभयनाशिनीम् ॥
8️⃣ श्री बगलामुखी स्तुति
बगलामुखीं महामायांपीताम्बरविभूषिताम् ।नमामि शत्रुसंहारिणींवाक्सिद्धिप्रदायिनीम् ॥
9️⃣ श्री मातंगी स्तुति
मातंगीं श्यामलां देवींवीणावादनतत्पराम् ।नमामि सर्वविद्येशींब्रह्मज्ञानप्रदायिनीम् ॥
🔟 श्री कमला (लक्ष्मी) स्तुति
कमलां कमलाक्षीं चकमलासनसंस्थिताम् ।नमामि श्रीमहादेवींसर्वसंपत्प्रदायिनीम् ॥
📿 फलश्रुति (संक्षेप)
एतद्दशमहाविद्यास्तोत्रंयः पठेन्नियतो नरः ।सर्वसिद्धिमवाप्नोतिनात्र कार्या विचारणा ॥
लाभ (Benefits of Dash Mahavidya Stuti)
🔱 तांत्रिक दोष, भय और नकारात्मक ऊर्जा का नाश
🌺 गुप्त नवरात्रि में साधना की सिद्धि
🧘♂️ मन, वाणी और कर्म की शुद्धि
🛡️ दैवी रक्षा कवच का प्रभाव
💫 साधक को आत्मबल, विवेक और ज्ञान की प्राप्ति
🌸 माँ दशमहाविद्याओं की कृपा से सर्वसिद्धि
❓ FAQ (Frequently Asked Questions)
1. दश महाविद्या स्तुति क्या है?
दश महाविद्या स्तुति माँ शक्ति के दस तांत्रिक स्वरूपों की सामूहिक स्तुति है, जो शास्त्रसम्मत क्रम में की जाती है।
2. गुप्त नवरात्रि में इसका महत्व क्यों है?
गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधना का श्रेष्ठ समय मानी जाती है, जिसमें दश महाविद्या उपासना शीघ्र फलदायी होती है।
3. दश महाविद्याओं का शास्त्रीय क्रम क्या है?
काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला।
4. क्या गृहस्थ व्यक्ति यह स्तुति कर सकते हैं?
हाँ, यह स्तुति श्रद्धा और नियमपूर्वक कोई भी भक्त कर सकता है।
5. इस स्तुति का पाठ कब करें?
गुप्त नवरात्रि, अमावस्या, अष्टमी, नवमी या रात्रिकाल में पाठ श्रेष्ठ माना गया है।
