धर्मशास्तुः पञ्चरत्नम् | Ayyappa Stotram in Hindi | अय्यप्पा स्वामी स्तोत्र
धर्मशास्तुः पञ्चरत्नम् भगवान अय्यप्पा स्वामी को समर्पित पाँच दिव्य रत्नों के समान स्तोत्रों का संग्रह है। यह स्तोत्र भक्तों को आंतरिक शांति, जीवन में सुरक्षा और धर्म के मार्ग पर स्थिरता प्रदान करता है।
🕉️ श्री धर्मशास्तुः पञ्चरत्नम्
(Ayyappa Swamy Pancharatnam)
🔱 श्लोक 1
लोकवीरं महापूज्यं सर्वरक्षाकरं विभुम् ।
पार्वती हृदयानन्दं शास्तारं प्रणमाम्यहम् ॥१॥
हिंदी अर्थ:
जो समस्त लोकों के वीर हैं, अत्यंत पूजनीय हैं, सभी प्रकार की रक्षा करने वाले, सर्वशक्तिमान हैं तथा माता पार्वती के हृदय को आनंद देने वाले भगवान शास्ता (अय्यप्पा) को मैं नमन करता हूँ।
English Meaning:
I bow to Lord Shasta (Ayyappa), the heroic protector of all worlds, highly revered, omnipotent, and the source of joy in Goddess Parvati’s heart.
🔱 श्लोक 2
विप्रपूज्यं विश्ववन्द्यं विष्णुशंभोः प्रियं सुतम् ।
क्षिप्रप्रसादनिरतं शास्तारं प्रणमाम्यहम् ॥२॥
हिंदी अर्थ:
जो ब्राह्मणों द्वारा पूजित, सम्पूर्ण विश्व द्वारा वंदनीय, भगवान विष्णु और शिव के प्रिय पुत्र हैं तथा शीघ्र ही प्रसन्न होने वाले भगवान शास्ता को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Meaning:
I salute Lord Shasta, worshipped by sages, revered by the entire world, the beloved son of Lord Vishnu and Lord Shiva, who grants blessings swiftly.
🔱 श्लोक 3
मत्तमातङ्गगमनं कारुण्यामृतपूरितम् ।
सर्वविघ्नहरं देवं शास्तारं प्रणमाम्यहम् ॥३॥
हिंदी अर्थ:
जिनकी चाल मदमस्त हाथी के समान है, जो करुणा के अमृत से परिपूर्ण हैं तथा समस्त विघ्नों को नष्ट करने वाले भगवान शास्ता को मैं नमन करता हूँ।
English Meaning:
I bow to Lord Shasta, whose majestic gait resembles that of a mighty elephant, who is filled with nectar-like compassion and who removes all obstacles.
🔱 श्लोक 4
अस्मत्कुलेश्वरं देवमस्मच्छत्रु विनाशनम् ।
अस्मदिष्टप्रदातारं शास्तारं प्रणमाम्यहम् ॥४॥
हिंदी अर्थ:
जो हमारे कुल के अधिपति हैं, हमारे शत्रुओं का विनाश करने वाले तथा हमारी सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाले भगवान शास्ता को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Meaning:
I prostrate before Lord Shasta, the guardian deity of our lineage, the destroyer of our enemies, and the granter of our cherished desires.
🔱 श्लोक 5
पाण्ड्येशवंशतिलकं केरले केलिविग्रहम् ।
आर्तत्राणपरं देवं शास्तारं प्रणमाम्यहम् ॥५॥
हिंदी अर्थ:
जो पाण्ड्य राजवंश के भूषण हैं, केरल भूमि में दिव्य रूप से प्रतिष्ठित हैं तथा पीड़ितों की रक्षा करने में सदैव तत्पर भगवान शास्ता को मैं नमन करता हूँ।
English Meaning:
I bow to Lord Shasta, the jewel of the Pandya dynasty, manifested divinely in Kerala, and ever devoted to protecting the distressed.
🔱 फलश्रुति
पञ्चरत्नाख्यमेतद्यो नित्यं शुद्धः पठेन्नरः ।
तस्य प्रसन्नो भगवान् शास्ता वसति मानसे ॥
हिंदी अर्थ:
जो मनुष्य शुद्ध भाव से प्रतिदिन इस पंचरत्न स्तोत्र का पाठ करता है, उसके हृदय में भगवान शास्ता प्रसन्न होकर निवास करते हैं।
English Meaning:
Whoever chants this sacred Pancharatnam daily with purity of mind, Lord Shasta joyfully resides in their heart.
🕉️ समापन
॥ इति श्री धर्मशास्तुः पञ्चरत्नं समाप्तम् ॥
लाभ (Benefits / Labh)
🕉️ भय, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं से रक्षा
🕉️ मानसिक शांति एवं आत्मबल में वृद्धि
🕉️ धर्म, संयम और सत्य के मार्ग पर दृढ़ता
🕉️ शनि, राहु एवं कर्म दोषों में शांति
🕉️ अय्यप्पा स्वामी की विशेष कृपा प्राप्ति
🕉️ व्रत, साधना एवं सबरीमाला यात्रा में सहायक
FAQ (SEO Friendly)
❓ धर्मशास्तुः पञ्चरत्नम् क्या है?
यह भगवान अय्यप्पा (धर्मशास्ता) की स्तुति में रचित पाँच श्लोकों वाला शक्तिशाली स्तोत्र है।
❓ इस स्तोत्र का पाठ कब करना चाहिए?
प्रातः ब्रह्ममुहूर्त, संध्या काल या शनिवार एवं सोमवार को विशेष फलदायी माना गया है।
❓ क्या इसे सबरीमाला व्रत में पढ़ सकते हैं?
हाँ, यह स्तोत्र 41 दिन के व्रत में विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
❓ क्या स्तोत्र पाठ से भय नाश होता है?
जी हाँ, यह स्तोत्र आंतरिक भय, नकारात्मकता और मानसिक अशांति को दूर करता है।
❓ क्या महिलाएँ यह स्तोत्र पढ़ सकती हैं?
हाँ, स्तोत्र पाठ में कोई प्रतिबंध नहीं है, श्रद्धा ही मुख्य है।
