नवम्बर 2025 राशि भविष्य
नवम्बर 2025 ग्रह स्थिति:
शनि: 11वें भाव (लाभ)।
गुरु: 2रे भाव (धन, वाणी)।
मंगल: 7वें भाव (साझेदारी)।
सूर्य: 8वें भाव (गोपनीयता, शोध)।
मासिक पूर्वानुमान:
साझेदारी के मामलों में सतर्क रहें।
धन लाभ होगा पर स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव।
मंत्र: "ॐ मंगलाय नमः"
स्तोत्र: हनुमान चालीसा
शनि: 11वें भाव (लाभ)।
गुरु: 2रे भाव (धन, वाणी)।
मंगल: 7वें भाव (साझेदारी)।
सूर्य: 8वें भाव (गोपनीयता, शोध)।
मासिक पूर्वानुमान:
साझेदारी के मामलों में सतर्क रहें।
धन लाभ होगा पर स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव।
मंत्र: "ॐ मंगलाय नमः"
स्तोत्र: हनुमान चालीसा
शनि: 10वें भाव।
गुरु: 1ले भाव।
मंगल: 6ठे भाव।
सूर्य: 7वें भाव।
कार्यस्थल पर मेहनत का फल मिलेगा।
वैवाहिक जीवन में तालमेल बनाए रखें।
मंत्र: "ॐ शुक्राय नमः"
स्तोत्र: लक्ष्मी स्तोत्र
गुरु: 1ले भाव।
मंगल: 6ठे भाव।
सूर्य: 7वें भाव।
कार्यस्थल पर मेहनत का फल मिलेगा।
वैवाहिक जीवन में तालमेल बनाए रखें।
मंत्र: "ॐ शुक्राय नमः"
स्तोत्र: लक्ष्मी स्तोत्र
शनि: 9वें भाव।
गुरु: 12वें भाव।
मंगल: 5वे भाव।
सूर्य: 6ठे भाव।
विदेश से लाभ और शिक्षा में सफलता।
कार्यक्षेत्र में सुधार होगा।
मंत्र: "ॐ बुधाय नमः"
स्तोत्र: विष्णु सहस्रनाम
गुरु: 12वें भाव।
मंगल: 5वे भाव।
सूर्य: 6ठे भाव।
विदेश से लाभ और शिक्षा में सफलता।
कार्यक्षेत्र में सुधार होगा।
मंत्र: "ॐ बुधाय नमः"
स्तोत्र: विष्णु सहस्रनाम
शनि: 8वें भाव।
गुरु: 11वें भाव।
मंगल: 4थे भाव।
सूर्य: 5वे भाव।
संतान सुख में वृद्धि, पर घर में परिवर्तन संभव।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति।
मंत्र: "ॐ चन्द्राय नमः"
स्तोत्र: चंद्र स्तोत्र
गुरु: 11वें भाव।
मंगल: 4थे भाव।
सूर्य: 5वे भाव।
संतान सुख में वृद्धि, पर घर में परिवर्तन संभव।
शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति।
मंत्र: "ॐ चन्द्राय नमः"
स्तोत्र: चंद्र स्तोत्र
शनि: 7वें भाव।
गुरु: 10वें भाव।
मंगल: 3रे भाव।
सूर्य: 4थे भाव।
करियर में सफलता और घर में सुख।
माता से विशेष सहयोग।
मंत्र: "ॐ सूर्याय नमः"
स्तोत्र: आदित्य हृदय स्तोत्र
गुरु: 10वें भाव।
मंगल: 3रे भाव।
सूर्य: 4थे भाव।
करियर में सफलता और घर में सुख।
माता से विशेष सहयोग।
मंत्र: "ॐ सूर्याय नमः"
स्तोत्र: आदित्य हृदय स्तोत्र
शनि: 6ठे भाव।
गुरु: 9वें भाव।
मंगल: 2रे भाव।
सूर्य: 3रे भाव।
धन व भाग्य में वृद्धि।
भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।
मंत्र: "ॐ नमः शिवाय"
स्तोत्र: विष्णु स्तुति
गुरु: 9वें भाव।
मंगल: 2रे भाव।
सूर्य: 3रे भाव।
धन व भाग्य में वृद्धि।
भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।
मंत्र: "ॐ नमः शिवाय"
स्तोत्र: विष्णु स्तुति
शनि: 5वे भाव।
गुरु: 8वें भाव।
मंगल: 1ले भाव।
सूर्य: 2रे भाव।
आत्मविश्वास बढ़ेगा और धनलाभ संभव।
शिक्षा व संतान से सुख।
मंत्र: "ॐ शुक्राय नमः"
स्तोत्र: देवी स्तुति
गुरु: 8वें भाव।
मंगल: 1ले भाव।
सूर्य: 2रे भाव।
आत्मविश्वास बढ़ेगा और धनलाभ संभव।
शिक्षा व संतान से सुख।
मंत्र: "ॐ शुक्राय नमः"
स्तोत्र: देवी स्तुति
शनि: 4थे भाव।
गुरु: 7वें भाव।
मंगल: 12वें भाव।
सूर्य: 1ले भाव।
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि।
परिश्रम से सफलता मिलेगी।
मंत्र: "ॐ केतवे नमः"
स्तोत्र: महामृत्युंजय
गुरु: 7वें भाव।
मंगल: 12वें भाव।
सूर्य: 1ले भाव।
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि।
परिश्रम से सफलता मिलेगी।
मंत्र: "ॐ केतवे नमः"
स्तोत्र: महामृत्युंजय
शनि: 3रे भाव।
गुरु: 6ठे भाव।
मंगल: 11वें भाव।
सूर्य: 12वें भाव।
कार्यक्षेत्र में सुधार और लाभ।
विदेश यात्रा की संभावना।
मंत्र: "ॐ बृहस्पतये नमः"
स्तोत्र: विष्णु सहस्रनाम
गुरु: 6ठे भाव।
मंगल: 11वें भाव।
सूर्य: 12वें भाव।
कार्यक्षेत्र में सुधार और लाभ।
विदेश यात्रा की संभावना।
मंत्र: "ॐ बृहस्पतये नमः"
स्तोत्र: विष्णु सहस्रनाम
शनि: 2रे भाव।
गुरु: 5वे भाव।
मंगल: 10वें भाव।
सूर्य: 11वें भाव।
करियर और धन में वृद्धि।
मित्रों से सहयोग।
मंत्र: "ॐ शनैश्चराय नमः"
स्तोत्र: शनि स्तोत्र
गुरु: 5वे भाव।
मंगल: 10वें भाव।
सूर्य: 11वें भाव।
करियर और धन में वृद्धि।
मित्रों से सहयोग।
मंत्र: "ॐ शनैश्चराय नमः"
स्तोत्र: शनि स्तोत्र
शनि: 1ले भाव।
गुरु: 4थे भाव।
मंगल: 9वें भाव।
सूर्य: 10वें भाव।
भाग्य का साथ और कार्य में उन्नति।
यात्रा से लाभ संभव।
मंत्र: "ॐ शनैश्चराय नमः"
स्तोत्र: शिव चालीसा
गुरु: 4थे भाव।
मंगल: 9वें भाव।
सूर्य: 10वें भाव।
भाग्य का साथ और कार्य में उन्नति।
यात्रा से लाभ संभव।
मंत्र: "ॐ शनैश्चराय नमः"
स्तोत्र: शिव चालीसा
शनि: 12वें भाव।
गुरु: 3रे भाव।
मंगल: 8वें भाव।
सूर्य: 9वें भाव।
धर्म और यात्रा के कार्य में रुचि बढ़ेगी।
स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
मंत्र: "ॐ गुरवे नमः"
स्तोत्र: गीता पाठ
गुरु: 3रे भाव।
मंगल: 8वें भाव।
सूर्य: 9वें भाव।
धर्म और यात्रा के कार्य में रुचि बढ़ेगी।
स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
मंत्र: "ॐ गुरवे नमः"
स्तोत्र: गीता पाठ
